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JNU में हॉस्टल फीस बढ़ोतरी का मामला पहुंचा हाई कोर्ट, दायर हुई याचिका

जेएनयू स्टूडेंट्स यूनियन की अध्यक्ष आइशी घोष, उपाध्यक्ष साकेत मून की ओर से दायर याचिका में मांग की है कि जो फीस हॉस्टल की बढ़ाई गई है, उसे रद्द किया जाए.

दिल्ली हाई कोर्ट (फाइल फोटो) दिल्ली हाई कोर्ट (फाइल फोटो)

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में हॉस्टल फीस बढ़ोतरी के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है. जेएनयू स्टूडेंट्स यूनियन की अध्यक्ष आइशी घोष, उपाध्यक्ष साकेत मून की ओर से दायर याचिका में मांग की है कि जो फीस हॉस्टल की बढ़ाई गई है, उसे रद्द किया जाए.

छात्र संघ ने अपनी याचिका में कहा गया है कि छात्र संघ से बिना फीड बैक लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने अक्टूबर में न‌ए होस्टल मेनुअल और बढ़ी हुई फीस को छात्रों पर लागू कर दिया. याचिका में मांग की गई है कि प्रशासन को पुराने नियम और फीस के तहत ही न‌ए एडमिशन देने का निर्देश दिया जाए.

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन की अध्यक्ष आइशी घोष ने दिल्ली हाई कोर्ट में ये याचिका दाखिल की है. याचिका में ये भी मांग की है कि विंटर रजिस्ट्रेशन फीस जिन्होंने दाखिल नहीं की है उन पर लेट फीस का जुर्माना न लगाया जाए.

यह याचिका फिलहाल अभी दिल्ली हाई कोर्ट की रजिस्ट्रार के पास पहुंची है और अगले एक-दो दिन में लिस्टिंग के बाद इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट सुनवाई कर सकता है.

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर बढ़ी हुई फ़ीस को चुनौती देते हुए दिल्ली हाइ कोर्ट में लागई याचिका में गुहार लगाई है कि जो फीस हॉस्टल की बढ़ाई गई है उसे तुरंत रद्द करने का कोर्ट आदेश करें.

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