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दिल्लीः जामा मस्जिद की गुंबद की हो मरम्मत, शाही इमाम ने ASI को लिखा पत्र

जामा मस्जिद के शाही इमाम ने ASI को पत्र लिखकर गुंबद के लटकते हिस्से को हटाने का अनुरोध किया है. साथ ही मरम्मत की मांग की है. 

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जामा मस्जिद
जामा मस्जिद
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ASI को पत्र लिखकर मरम्मत की मांग
  • अमानतुल्ला खान का दौरा

दिल्ली में सोमवार शाम आंधी और उसके बाद आई भारी बारिश के कारण ऐतिहासिक जामा मस्जिद के गुंबद और अन्य हिस्सों को नुकसान पहंचा. जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने कहा कि मस्जिद की एक मीनार और अन्य हिस्सों से पत्थर टूटकर गिरने से दो लोग घायल हो गए. शाही इमाम ने ASI को पत्र लिखकर गुंबद के लटकते हिस्से को हटाने का अनुरोध किया और सजावटी संरचना की मरम्मत करने को कहा. 

ASI को पत्र लिखकर मरम्मत की मांग 
ASI के महानिदेशक वी विद्तावती को लिखे पत्र में बुखारी ने उल्लेख किया है कि तूफान में कई टुकड़ों में टूटने के बाद, कुछ हिस्सा मुख्य गुंबद के नीचे छत पर गिर गया, और एक बहुत भारी हिस्सा अभी भी गुंबद से लटका हुआ है और यह कभी भी गिर सकता है. उन्होंने कहा, जो हिस्सा अभी भी मुख्य गुंबद से लटका हुआ है, उसका वजन लगभग 350 किलोग्राम होगा. उस हिस्से को गुंबद से हटाना जरूरी है.

अमानतुल्ला खान का दौरा
इस बीच दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष और आप विधायक अमानतुल्ला खान ने जामा मस्जिद का दौरा किया. वह अन्य अधिकारियों और INTACH के विशेषज्ञों की एक टीम के साथ क्षतिग्रस्त हिस्सों को देखने गए. इसके बाद उन्होंने ट्वीट कर इस बारे में जानकारी दी.

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उन्होंने ट्वीट में लिखा, कल दिल्ली में तेज हवाओं और बारिश से शाही जामा मस्जिद के गुंबद को भारी नुकसान पहुंचा था, आज INTEC, विशेषज्ञों की टीम व शाही इमाम अहमद बुखारी साहब के साथ मस्जिद का दौरा किया और बड़े गुंबद के कलश की मरम्मत के निर्देश दिए. इंशाअल्लाह जल्द ही गुंबद के हिस्से को दुरुस्त कर दिया जाएगा. 

ऐसा तूफान पूरे जीवन में पहले कभी नहीं देखा
जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने कहा कि ऐसा भीषण तूफान पूरे जीवन में पहले कभी नहीं देखा था. बुखारी ने कहा, मुख्य गुंबद का कलश टूटकर गिर गया. और नुकसान से बचने के लिए इसे तत्काल ठीक करने की जरूरत है. मस्जिद के ढांचे के कुछ और पत्थर भी गिर गए. मैं भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की मदद से मस्जिद की तत्काल मरम्मत करने के लिए प्रधानमंत्री को पत्र लिखूंगा.

दिल्ली वक्फ बोर्ड के अधिकारियों ने कहा कि एक टीम को जामा मस्जिद के निरीक्षण और नुकसान के आकलन के लिए भेजा गया है.

'कुदरत का करिश्मा सब सुरक्षित रहे'
उन्होंने कहा कि डरे हुए लोग तूफान से बचने के लिए इधर-उधर भागे. मस्जिद परिसर में यह एक भयानक दृश्य था. हवा बहुत तेज थी और जामा मस्जिद में दो या तीन लोग घायल भी हुए थे. चूंकि मीनारों और मस्जिद के अन्य हिस्सों से पत्थर के हिस्से गिर गए थे. लेकिन, यह प्रकृति का चमत्कार था ('कुदरत का करिश्मा) कि ज्यादातर लोग यहां से सुरक्षित बाहर निकल आए.

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बुखारी ने हालांकि इस बात पर अफसोस जताया कि मुगल-युग की प्रतिष्ठित मस्जिद को तूफान से काफी नुकसान पहुंचा. उन्होंने कहा कि करीब 12-15 फुट का कलश भी उसी समय का है, जब मस्जिद का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था.


 

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