भारत ने 16 मार्च की रात काबुल के ओमिद नशा मुक्ति अस्पताल पर हुए पाकिस्तानी हवाई हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है. विदेश मंत्रालय (MEA) ने इसे एक बर्बर, कायराना और अमानवीय हिंसा करार दिया है. इस हमले में बड़ी तादाद में आम नागरिकों की जान गई है. भारत ने कहा है कि यह अस्पताल एक नागरिक सुविधा केंद्र था और इसे किसी भी स्थिति में सैन्य टार्गेट नहीं माना जा सकता.
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, पाकिस्तान इस वक्त एक बड़े नरसंहार को सैन्य कार्रवाई के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है, जिसे बिल्कुल भी न्यायसंगत नहीं ठहराया जा सकता.
भारत ने इस हमले को लेकर पाकिस्तान की नीयत पर गंभीर सवाल उठाए हैं और इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताया है.
'अस्पताल को निशाना बनाना अमानवीय...'
अफ़ग़ान तालिबान के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि काबुल के अस्पताल पर पाकिस्तान के हमले में 408 लोग मारे गए और 265 घायल हुए है.
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि जिस तरह से अस्पताल जैसी जगह को निशाना बनाया गया है, वह किसी भी सभ्य समाज की कल्पना से परे है. एक नशा मुक्ति केंद्र जहां पर मरीजों का इलाज हो रहा था, वहां बमबारी करना पाकिस्तान की हताशा को दर्शाता है. भारत ने इसे पूरी तरह से बिना वजह की गई हिंसा करार दिया है.
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नरसंहार को छिपाने की कोशिश
भारत ने पाकिस्तान के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें इसे सैन्य ऑपरेशन बताया गया था. MEA ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान दुनिया के सामने झूठ बोल रहा है. इस हमले में मारे गए लोग आम नागरिक थे और पाकिस्तान इस नरसंहार को एक सैन्य उपलब्धि के रूप में 'ड्रेस अप' करने की नाकाम कोशिश कर रहा है.