दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में एयर कंडीशनर लगाने को लेकर शुरू हुआ पड़ोसी विवाद अब नस्लीय टिप्पणी के आरोप तक पहुंच गया है. अरुणाचल प्रदेश की एक यूपीएससी अभ्यर्थी ने आरोप लगाया है कि उनके पड़ोसी हर्ष और रूबी जैन ने उनके खिलाफ नस्लीय टिप्पणियां कीं. हालांकि आरोपियों के वकील ने इसे साधारण पड़ोसी झगड़ा बताते हुए आरोपों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया मामला बताया है.
महिला की शिकायत पर केस दर्ज
महिला की शिकायत के बाद मालवीय नगर थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है. महिला का आरोप है कि एयर कंडीशनर से उड़ने वाली धूल को लेकर हुए विवाद के दौरान दंपति ने नस्लीय टिप्पणी की. पीड़िता और उसकी दो रूममेट्स का कहना है कि पड़ोसियों ने उनकी जातीय पहचान को निशाना बनाया और उन्हें 'सेक्स वर्कर' तक कहा.
क्या बोला आरोपी पक्ष?
आरोपियों हर्ष और रूबी जैन के वकील गौरव ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह नस्लीय भेदभाव का मामला नहीं बल्कि पड़ोसियों के बीच का विवाद है. उन्होंने इंडिया टुडे से कहा, 'यह नस्लीय भेदभाव का मामला नहीं है. हमारे मुवक्किल ने गुस्से में कुछ आपत्तिजनक शब्द कहे, जो गलत थे और उन्हें इसका अफसोस है.'
वायरल वीडियो को बताया अधूरा
वकील गौरव ने कहा कि मामले को एकतरफा तरीके से पेश किया जा रहा है और जो वीडियो वायरल हुआ है, वह पूरा नहीं है. उन्होंने माना कि उनके मुवक्किल ने गुस्से में गलत भाषा का इस्तेमाल किया, लेकिन आरोप उतने गंभीर नहीं हैं जितना बताया जा रहा है. उन्होंने कहा कि वे कानूनी रूप से अपना पक्ष रखेंगे.
वकील के अनुसार, दोनों पक्ष एक-दूसरे को पहले से जानते थे और घटना से पहले और बाद में उनकी बातचीत भी हुई थी. उनका दावा है कि वायरल वीडियो में कई कट हैं और पूरी घटना नहीं दिखाई गई. वकील ने बताया कि हर्ष घर पर लंच कर रहे थे, तभी उन्हें तेज आवाज सुनाई दी. बाहर आकर उन्होंने देखा कि उनके एसी पर बड़े पत्थर पड़े हैं और घर में धूल आ रही है. इसके बाद वे ऊपर जाकर पड़ोसियों को बताने गए, जहां विवाद बढ़ गया.
किसने की पहले पीसीआर कॉल?
वकील ने आरोप लगाया कि उनके मुवक्किल के खिलाफ भी कई आपत्तिजनक बातें कही गईं, जो रिकॉर्ड नहीं हुईं. उनका कहना है कि पुलिस को सबसे पहले पीसीआर कॉल उनके मुवक्किल ने ही की थी. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वीडियो बाद में चुपके से रिकॉर्ड किया गया और एक पक्ष ने अपनी पहचान छिपाई जबकि दूसरे की सार्वजनिक कर दी.
दोनों पक्षों को सुनने की अपील
वकील ने कहा कि वे वीडियो से छेड़छाड़ का आरोप नहीं लगा रहे, लेकिन रिकॉर्डिंग से पहले और बाद की घटनाएं उसमें नहीं दिखतीं. उन्होंने अपील की कि किसी कार्रवाई से पहले दोनों पक्षों को सुना जाए. उनका कहना है कि आजकल कुछ वायरल होते ही बिना दूसरे पक्ष को सुने मीडिया ट्रायल शुरू हो जाता है और तुरंत पुलिस कार्रवाई होने लगती है.
महिलाओं का आरोप, धमकाया गया
वहीं शिकायत करने वाली महिलाओं का कहना है कि उनके शारीरिक रूप-रंग पर भी टिप्पणी की गई और उन्हें आपराधिक धमकी दी गई.