शराब नीति घोटाला मामले में दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम और आम आदमी पार्टी नेता मनीष सिसोदिया की मुश्किलें और बढ़ गई हैं. प्रवर्तन निदेशालय ने शराब घोटाले के मामले में मनीष सिसोदिया, अमनदीप सिंह ढल्ल, राजेश जोशी, गौतम मल्होत्रा और अन्य की 52.24 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है. इसमें मनीष और उनकी पत्नी सीमा सिसौदिया की 2 संपत्तियां और उनका 11 लाख रुपये का बैंक बैलेंस भी शामिल है.
52.24 करोड़ रुपये की जो संपत्ति जब्त की गई है उसमें 7.29 करोड़ की अचल संपत्ति शामिल है. जिसमें मनीष सिसोदिया और उनकी पत्नी सीमा सिसोदिया की 02 अचल संपत्तियां, राजेश जोशी की चेरियट प्रोडक्शंस मीडिया प्राइवेट लिमिटेड की जमीन-फ्लैट और गौतम मल्होत्रा की जमीन-फ्लैट शामिल है.

मनीष सिसोदिया के बैंक में जमा 11.49 लाख रुपये, ब्रिंडको सेल्स प्राइवेट लिमिटेड के बैंक बैलेंस सहित 44.29 करोड़ रुपये भी इस कुर्की में शामिल हैं. यह इस मामले में दूसरा प्रोविजनल अटैचमेंट (कुर्की) है.
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इस घोटाले में कुर्की के लिए जारी किए गए पहले आदेश के तहत विजय नायर, समीर महंद्रू, अमित अरोड़ा, अरुण पिल्लई और अन्य के 76.54 करोड़ रुपये की चल/ अचल संपत्ति को जब्त किया गया था.
अब तक इस शराब नीति घोटाले में कुल 128.78 करोड़ की संपत्ति की कुर्की हो चुकी है. इस मामले में कुल 1934 करोड़ रुपये से ज्यादा का घोटाला किया गया है. इस केस में ईडी ने अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया है और 05 अभियोजन शिकायतें दर्ज की हैं. अभी भी इस मामले में जांच चल रही है.
मनीष सिसोदिया पर क्या आरोप है?
दरअसल मनीष सिसोदिया जिस मामले में जेल में बंद है वो दिल्ली सरकार की नई शराब नीति से जुड़ा हुआ है. दिल्ली सरकार ने साल 2021 में नई एक्साइज पॉलिसी लागू की थी. केजरीवाल सरकार ने नई आबकारी नीति को लेकर दावा किया था कि इससे सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी होगी और माफिया राज खत्म होगा.

हालांकि नई शराब नीति आने के बाद इसका उल्टा हुआ. दिल्ली के तत्कालीन मुख्य सचिव ने जुलाई 2022 में दिल्ली के उपराज्यपाल को एक रिपोर्ट सौंपी जिसमें राजस्व को नुकसान होने और शराब कारोबारियों को फायदा पहुंचाए जाने का जिक्र था.

एलजी ने इस मामले में सीबीआई जांच कराने की सिफारिश कर दी. इसके बाद केंद्रीय एजेंसी ने केस दर्ज कर जांच शुरू की और तत्कालीन डिप्टी सीएम सिसोदिया समेत 15 लोगों को आरोपी बनाया.

ईडी ने इसी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया और साल 2023 के फरवरी महीने में सिसोदिया को गिरफ्तार कर लिया. उस वक्त से सिसोदिया जेल में हैं और जांच का सामना कर रहे हैं.
बीजेपी मनीष सिसोदिया को कर रही बदनाम: आतिशी
मनीष सिसोदिया की संपत्ति जब्त किए जाने पर दिल्ली सरकार में मंत्री और आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, मीडिया में खबरें प्लान कराई जा रही है कि मनीष सिसोदिया की करोड़ों की प्रॉपर्टी जप्त कर ली गई है जबकि 3 जुलाई के ईडी के आदेश के कागजात बताते हैं कि मनीष सिसोदिया के एक बैंक अकाउंट और दो फ्लैट अटैच किए गए हैं.
आतिशी ने कहा कि ईडी के आदेश के मुताबिक मनीष सिसोदिया का बैंक ऑफ बड़ौदा बैंक में अकाउंट है जिसमें 11 लाख 50 हजार रुपए हैं. साथ ही ईडी द्वारा मनीष सिसोदिया के जिन 2 फ्लैट्स को अटैच करने की बात कही गई है, उनमें से एक फ्लैट वसुंधरा (गाजियाबाद) में है. जो मनीष सिसोदिया ने 18 साल पहले 2005 में खरीदा था.
उन्होंने कहा, ईडी के मौजूदा दस्तावेज बताते हैं कि आज की तारीख में उस फ्लैट की कीमत मात्र 5 लाख 7 हजार रुपए है. मनीष सिसोदिया का दूसरा फ्लैट मयूर विहार में है. ईडी के दस्तावेज के मुताबिक दूसरा फ्लैट साल 2018 में खरीदा गया था. जिस शराब नीति की जांच ईडी कर रही है उससे 5 साल पहले यह दूसरा फ्लैट खरीदा गया था. ईडी के दस्तावेज खुद यह कह रहे हैं कि दूसरे फ्लैट की मौजूदा कीमत 65 लाख रुपए है. ईडी के रिकॉर्ड के मुताबिक मनीष सिसोदिया की कुल संपत्ति 81 लाख रुपए है.
AAP की नेता आतिशी ने कहा कि मनीष सिसोदिया को बदनाम करने के लिए भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झूठ फैला रहे हैं. क्योंकि आम आदमी पार्टी के नेता जेल में जाने के बाद भी भारतीय जनता पार्टी में शामिल नहीं हो रहे हैं.
नोट
- इस खबर में पहले त्रुटिवश 7.29 करोड़ की अचल संपत्ति को सिर्फ मनीष सिसोदिया और उनकी पत्नी सीमा सिसोदिया का बताया गया था. जिसे बाद में सुधार दिया गया है.