प्रवर्तन निदेशालय ने काले धन को वैध बनाने वाली कंपनियों पर कार्रवाई करते हुए, उनके दो एंट्री ऑपरेटरों को गिरफ्तार किया है. इन एंट्री ऑपरेटरों पर पिछले 3 माह में लगभग 8000 करोड़ रुपये का गबन करने का आरोप था.
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार, ईडी ने यह कार्रवाई सीरीयस फ्रॉड इन्वेसटिगेशन ऑफिस में दर्ज शिकायत के आधार पर की है. इसके तहत 90 शेल की 559 लाभार्थियों की की आवाजाही का संदेह है. जिसके बाद सोमवार को सुरेंद्र कुमार जैन और वीरेंद्र कुमार जैन को ईडी ने गिरफ्तार किया, वहीं मंगलवार को कोर्ट ने उन्हें 10 दिन की कस्टडी में भेज दिया.
ईडी के अनुसार, दोनों ने अपने आरोपों को कबूल कर लिया है. उन्होंने बताया कि इन दोनों ने 26 शेल कंपनियों को मैनेज किया था. जिसके तहत लगभग 8000 करोड़ रुपयों की गड़बड़ी का आरोप लगा था. ईडी ने बताया ये लोग बिचौलियों की मदद से फंड के ट्रांजेक्शन को मैनेज किया.