दिल्ली के द्वारका जिले के मित्राऊं गांव स्थित सीएनजी पंप पर एक बड़ा हादसा सामने आया है, जहां गैस भरते समय एक ट्रक का सीएनजी सिलेंडर ब्लास्ट हो गया. इस हादसे में चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से एक व्यक्ति की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है. घटना नजफगढ़ मित्राऊं रोड पर स्थित सीएनजी पंप की है. जानकारी के अनुसार, एक ट्रक में सीएनजी भरी जा रही थी. इसी दौरान अचानक ट्रक के एक सिलेंडर में जोरदार विस्फोट हो गया. धमाका इतना तेज था कि आसपास अफरा-तफरी मच गई और वहां मौजूद लोग घबरा गए.
हादसे के बाद सभी घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया. आरटीआरएम अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक, चार घायल व्यक्तियों को इलाज के लिए भर्ती कराया गया है. इनमें से तीन लोग पंप पर काम करने वाले कर्मचारी हैं, जबकि एक घायल व्यक्ति की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है.
हादसे में चार घायल, एक की हालत गंभीर
घायलों की पहचान दीपक, पुत्र समय सिंह, उम्र 34 वर्ष, विकास कुमार, पुत्र रिछपाल सिंह, उम्र 26 वर्ष और नीरज, पुत्र रामहूल, उम्र 40 वर्ष के रूप में हुई है. ये सभी पंप पर अटेंडेंट के रूप में काम करते हैं. चौथा घायल व्यक्ति अभी अज्ञात है और उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है. प्राथमिक जांच में सामने आया है कि जब पंप अटेंडेंट ट्रक में सीएनजी भर रहे थे, तभी अचानक सिलेंडर फट गया और पास में मौजूद लोग इसकी चपेट में आ गए. हादसे के बाद मौके पर तुरंत पुलिस और अन्य एजेंसियां पहुंच गईं. पूरे इलाके को घेर लिया गया है और सुरक्षा के लिहाज से लोगों को दूर रखा जा रहा है.
मौके पर फॉरेंसिक साइंस लैब और क्राइम टीम भी जांच के लिए पहुंच गई है. वे विस्फोट के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई हैं. इसके अलावा इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड के तकनीकी अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं और पूरे मामले की जांच कर रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सीएनजी पंप पर पहले भी इस तरह के हादसे हो चुके हैं. इसके बावजूद सुरक्षा नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा था. एक बार फिर इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
तीन पंप कर्मचारी घायल, एक की पहचान नहीं हो पाई
फिलहाल पुलिस ने मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और हर पहलू से जांच की जा रही है. अधिकारी यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर यह हादसा किन कारणों से हुआ और कहीं इसमें लापरवाही तो नहीं बरती गई. घटना के बाद इलाके में डर और तनाव का माहौल है. लोग इस हादसे को लेकर सहमे हुए हैं और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.