दिल्ली सरकार ने 7 साल के अविनाश राउत की डेंगू से हुई मौत के मामले में मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं. पांच अस्प्तालों ने कथित रूप से बच्चे को इलाज के लिए भर्ती करने से मना कर दिया था.
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने के प्रतनिधियों को भी समन भेजा है. डेंगू के मरीजों को भर्ती न करने पर प्राइवेट अस्पतालों से रिपोर्ट मांगी है. अविनाश की मौत के बाद उसके माता-पिता ने 8 सितंबर को दक्षिण दिल्ली के लाडो सराय में चार मंजिला कर ली थी.
मंत्री ने किया अस्पतालों का दौरा
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने मंगलवार को कुछ अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया. उन्होंने अस्पतालों में लगने वाली लंबी लाइनों से बचने के लिए टोकन सिस्टम शुरू करने का सुझाव भी दिया.
Delhi: Satyendra Jain (Delhi Health Minister) makes a surprise visit to Aruna Asaf Ali Hospital
— ANI (@ANI_news)
जैन ने इलाके के डीएम को पांचों अस्पतालों के पास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने को कहा गया है. ताकि घटना की कड़ियां जोड़ी जा सकें. साथ ही डीएम को जल्द से जल्द रिपोर्ट देने को कहा है.
एम्स के बाहर जमा मरीज
एक तरफ एम्स के डायरेक्टर ने कहा है कि डेंगू के मरीजों को तुरंत भर्ती करने की जरूरत है. लेकिन एम्स के बाहर ही मरीजों की भारी भीड़ जमा हो गई है. डायरेक्टर ने कहा कि अगस्त से सितंबर तक डेंगू के 148 मामले सामने आए हैं. पिछले 15 दिनों से मामले बढ़ रहे हैं.
Patients gather outside AIIMS hospital due to rising cases of dengue in the capital.
— ANI (@ANI_news)
केजरीवाल बोले- हम इंसानियत खो बैठे
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम प्रोफिट कमाने की दौड़ में इंसानियत ही खो बैठे.
Hum apne profit kamaaney ki daud me itne andhe na ho jayein, ki insaaniyat kho baithien: Arvind Kejriwal
— ANI (@ANI_news)
5 अस्पतालों को नोटिस
दिल्ली सरकार ने शनिवार को पांच अस्पतालों - मूलचंद, मैक्स साकेत, साकेत सिटी अस्पताल, आकाश अस्पताल और आइरेन अस्पताल को कारण बताओ नोटिस जारी किया था. उनसे पूछा है कि अविनाश को भर्ती नहीं करने को लेकर उनका रजिस्ट्रेशन क्यों रद्द नहीं किया जाए.