केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री एम वेंकैया नायडू ने शनिवार को कहा कि दिल्ली को एक 'ग्लोबल सिटी' के रूप में विकसित किया जाएगा तथा राष्ट्रीय राजधानी में भीड़भाड़ कम करने के लिए देश का पहला ‘स्मार्ट सिटी’ यहां स्थापित किया जाएगा, जिसमें सभी आधुनिक सुविधाएं मौजूद होंगी.
नायडू ने कहा, 'हम दिल्ली को एक असली वैश्विक शहर बनाना चाहते हैं, जिसमें लंदन या सैन फ्रांसिस्को जैसे अन्य वैश्विक शहरों की तरह सभी नई तथा आधुनिक सुविधाएं मौजूद हों. हम यहां डिस्नीलैंड या यूनीवर्सल स्टूडियोज की तरह विश्वस्तर के मनोरंजन स्थल बनाना चाहते हैं.' नरेंद्र मोदी सरकार ने सौ ‘स्मार्ट सिटी’ बसाने की योजना बनाई है और नायडू ने कहा कि इस तरह का पहला शहर राष्ट्रीय राजधानी में बसाया जाएगा.
उन्होंने कहा, 'दिल्ली भारत का दिल है और पहली स्मार्ट सिटी यहां बनेगा. स्पेन के बार्सिलोना शहर ने इस दिशा में हमारे प्रयासों में हमें तकनीकी मदद का वादा किया है.' मंत्री डीडीए द्वारा उसके यहां स्थित मुख्यालय में ‘आवासीय योजना 2014’ की आवंटन प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू करने के लिए आयोजित एक समारोह में बोल रहे थे.
उधर, दिल्ली को विश्वस्तर के शहर के रूप में विकसित करने के उददेश्य से सरकार ने नई शहरी नीतियों को राष्ट्रीय राजधानी में रहने वाले लोगों की नई महत्वाकांक्षाओं के अनुरूप करने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण अधिनियम (डीडीए कानून) में संशोधन करने की योजना बनाई है.
नायडू ने कहा, 'दिल्ली को विश्वस्तर का शहर बनाने के लिए, डीडीए कानून में कई संशोधन करने की जरूरत है्. इस मामले पर गौर करने के लिए एक समिति गठित की गई है और वह दिल्ली के लोगों की नई विकास संबंधी जरूरतों और महत्वाकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए अपने सुझाव जल्द देगी.'
नायडू ने कहा कि लोगों की आकांक्षाओं में बदलाव के साथ, यह जरूरी है कि कारोबारी तथा रिहायशी दोनों तरह के पुराने क्षेत्रों को फिर से विकसित किया जाए.
(इनपुट भाषा से)