दिल्ली नगर निगम (MCD) ने बुधवार, 7 जनवरी को तड़के करीब 1 बजे तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की. यह अभियान रामलीला मैदान के आस-पास से करीब 39,000 वर्ग फुट अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए चलाया गया. कार्रवाई के दौरान स्थानीय भीड़ ने पुलिस और सुरक्षा बलों पर पथराव शुरू कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े.
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच भी सक्रिय हो गई हैं, जो यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इस विरोध प्रदर्शन के लिए सोशल मीडिया पर लोगों को संगठित और उकसाया गया था.
प्रशासन ने कहा है कि मस्जिद के मुख्य ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया है, केवल उसके आसपास बने अवैध बारात घर और डिस्पेंसरी को ढहाया गया है.
साजिश और सोशल मीडिया की भूमिका की जांच
दिल्ली पुलिस इस पूरी घटना को केवल एक तात्कालिक विरोध के रूप में नहीं देख रही है. जांच का मुख्य केंद्र यह है कि क्या हिंसा के लिए कोई पूर्व नियोजित साजिश रची गई थी. पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं लोगों को जुटाने और उकसाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल तो नहीं किया गया था. इसके अलावा, घटना के दौरान पत्थरबाजी करने वालों की तलाशी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है.
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