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साहिल की मौत का कौन जिम्मेदार? आरोपी का भाई आया सामने, बयान से बढ़ाया सस्पेंस

दिल्ली में स्कॉर्पियो हादसे में एक युवक की मौत के मामले में आरोपी किशोर के भाई ने दावा किया है कि बाइक बस के पीछे से तेज रफ्तार में निकली थी. उन्होंने कहा कि किशोर मौके से नहीं भागा और घायल की मदद की. वहीं DCP द्वारका ने बताया कि आरोपी नाबालिग है और मामले की जांच जारी है.

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जांच में स्टंट का कोई सबूत सामने नहीं आए (Photo: ITG)
जांच में स्टंट का कोई सबूत सामने नहीं आए (Photo: ITG)

दिल्ली में स्कॉर्पियो कार की टक्कर से एक लड़के की मौत के मामले में अब आरोपी किशोर के भाई का बयान सामने आया है. आरोपी के भाई ने दावा किया कि हादसे के लिए बाइक की तेज रफ्तार जिम्मेदार थी. इसके अलावा उन्होंने कहा कि पीड़ित की बाइक एक बस के पीछे से अचानक तेज गति में निकली और उसी दौरान स्कॉर्पियो से टकरा गई.

आरोपी के भाई ने यह भी कहा कि किशोर की गलती सिर्फ इतनी थी कि उसके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था. उन्होंने दावा किया कि हादसे के बाद किशोर मौके से भागा नहीं बल्कि घायल की मदद करने के लिए रुका. भाई के अनुसार, किशोर ने घायल को उठाया और उसकी सहायता की. उन्होंने कहा कि आरोपी ने कैब चालक को भी देखा जो घायल था और उसे अस्पताल भेजा गया.

आरोपी के भाई का दावा, बाइक बस के पीछे से तेज रफ्तार में निकली

भाई ने पीड़ित की मां के आरोपों को भी खारिज किया. पीड़ित की मां का कहना था कि उनका बेटा सड़क पर करीब दो घंटे तक बिना मदद के पड़ा रहा. इस पर आरोपी के भाई ने कहा कि किशोर ने तुरंत पीड़ित को संभालने की कोशिश की और मौके पर मौजूद रहा.

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आरोपी के भाई ने अपने भाई की पढ़ाई का भी जिक्र किया. साथ ही कहा कि उनका भाई एक गोल्ड मेडलिस्ट छात्र है और हमेशा परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करता रहा है. उन्होंने दावा किया कि उसका अकादमिक रिकॉर्ड उसके चरित्र को दर्शाता है. भाई ने यह भी बताया कि उनका घर हादसे की जगह से सिर्फ 200 मीटर की दूरी पर है. अगर गाड़ी तेज रफ्तार में थी तो किशोर को चोट क्यों नहीं आई. उन्होंने कहा कि किशोर ने सीट बेल्ट लगा रखी थी और गाड़ी की रफ्तार कम थी.

किशोर के मौके से न भागने और घायल की मदद करने की बात कही

इसके अलावा उन्होंने तर्क दिया कि दुर्घटना के समय किशोर ने 100 मीटर आगे जाकर एक लेफ्ट टर्न लिया था. इसके बाद अगले 25 मीटर में कार कितनी तेज हो सकती है. उन्होंने कहा कि इतनी कम दूरी में तेज स्पीड संभव नहीं है. पीड़ित की मां ने यह भी आरोप लगाया था कि आरोपी के परिवार ने उन्हें धमकाया और चुप रहने के लिए पैसे देने की कोशिश की. आरोपी के भाई ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया.

वहीं मामले पर DCP द्वारका का बयान भी सामने आया है. DCP ने कहा कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और मोटर व्हीकल एक्ट सहित सभी जरूरी धाराएं लगाई गई हैं. DCP ने बताया कि आरोपी ने शुरुआत में पुलिस को अपनी उम्र 19 साल बताई थी, लेकिन दस्तावेजों के सत्यापन के बाद पता चला कि वह 17 साल का नाबालिग है. आरोपी को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड भेजा गया था. उसे 10 तारीख को परीक्षा के कारण अंतरिम राहत मिली.

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पीड़ित की मां के दो घंटे तक छोड़ने वाले आरोपों को बताया गलत
 

पीड़ित की मां द्वारा लगाए गए स्टंट और रील बनाने के आरोपों पर DCP ने कहा कि अब तक जांच में स्टंट का कोई सबूत सामने नहीं आया है. उन्होंने बताया कि आरोपी की बहन कार में मौजूद थी और वह वीडियो रिकॉर्ड कर रही थी. पुलिस ने उस वीडियो को देखा है. DCP ने यह भी कहा कि स्कॉर्पियो पर 13 चालान होने की बात सही है.

स्टंट और रील बनाने का कोई सबूत नहीं, कार पर 13 चालान की पुष्टि

पुलिस के अनुसार हादसे का एक वीडियो भी मौजूद है जिसमें पूरी घटना साफ दिखती है. वीडियो में बाइक एक बस को हल्का ओवरटेक करके आती है और स्कॉर्पियो से टकरा जाती है. DCP ने पीड़ित की मां को धमकी मिलने के आरोप पर कहा कि उन्हें इस बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं दी गई थी और वह यह बात पहली बार मीडिया से सुन रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह एक दुखद घटना है और जांच के आधार पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और दुर्घटना के कारणों को लेकर सभी दावों की पड़ताल की जा रही है.
 

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