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दिल्ली पुलिस ने पहली बार पोस्टर में शामिल की टेररिस्ट की फोटो, गणतंत्र दिवस पर सिक्योरिटी अलर्ट

गणतंत्र दिवस पर सुरक्षा के कड़े इंतज़ामों के बीच दिल्ली पुलिस ने वांटेड आतंकियों के नए पोस्टर जारी किए हैं. पहली बार इन पोस्टरों में दिल्ली के ही एक आतंकी मोहम्मद रेहान की तस्वीर शामिल की गई है. एजेंसियों ने 26 जनवरी को लेकर अलर्ट जारी किया है.

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दिल्ली पुलिस ने जारी की कई वॉन्टेड आतंकियों की लिस्ट (Photo: Arvind Ojha/ITG)
दिल्ली पुलिस ने जारी की कई वॉन्टेड आतंकियों की लिस्ट (Photo: Arvind Ojha/ITG)

दिल्ली पुलिस ने 26 जनवरी को लेकर जारी अलर्ट पोस्टरों में पहली बार दिल्ली के रहने वाले अल कायदा (AQIS) के आतंकी मोहम्मद रेहान की फोटो लगाई है. मोहम्मद रेहान दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियों का वॉन्टेड आतंकी है. इन पोस्टरों में बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट के मास्टरमाइंड शाहिद फैजल की तस्वीर भी शामिल की गई है. 

खुफिया एजेंसियों से मिले आतंकी खतरों के इनपुट के बाद 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के लिए कर्तव्य पथ और नई दिल्ली जिले में सुरक्षा के बेहद कड़े और आधुनिक इंतजाम किए गए हैं. सुरक्षा घेरे में दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के लगभग 10 हजार जवान तैनात रहेंगे. पूरे इलाके की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के व्यापक नेटवर्क और उन्नत फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) के जरिए की जा रही है. 

सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए जमीन पर नौ बार ब्रीफिंग और रिहर्सल की जा चुकी है. संदिग्ध गतिविधियों को रोकने के लिए होटलों और किरायेदारों का विधिवत तरीके से वेरिफिकेशन कैंपेन भी चलाया जा रहा है.

पुलिस ने क्या कहा?

एजेंसी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने बताया कि अल कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से जुड़े मोहम्मद रेहान का वॉन्टेड लिस्ट में होना सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मामला है. यही वजह है कि पहली बार किसी स्थानीय आतंकी की फोटो सार्वजनिक पोस्टरों में दी गई है. सुरक्षा को तकनीक से लैस किया गया है, जिसमें ऊंची इमारतों पर स्नाइपर और आसमान में एंटी-ड्रोन यूनिट तैनात की गई हैं. पैदल यात्रियों को सुरक्षा घेरे में प्रवेश करने के लिए कम से कम तीन बार मेटल डिटेक्टर (DFMD) से गुजरना होगा.

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AI और 1000 कैमरों से पैनी नजर

कंट्रोल रूम के एसआई कुलदीप यादव के मुताबिक, संदिग्धों की पहचान के लिए करीब 1000 कैमरे लगाए गए हैं. इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और फेशियल रिकग्निशन सिस्टम का इस्तेमाल हो रहा है, जो किसी भी अपराधी या संदिग्ध वाहन के दिखने पर तुरंत अलर्ट भेज देगा. एडिशनल सीपी देवेश कुमार महाला ने बताया कि ट्रैफिक और सिक्योरिटी के लिए बॉर्डर से लेकर जिले के अंदरूनी इलाकों तक कई स्तरों पर पिकेट और चेकिंग पॉइंट बनाए गए हैं.

 
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