कार में जिन लोगों के शव बरामद हुए वो तीन लोग कौन थे, उनका आपस में क्या रिश्ता था और उनकी मौत कैसे हुई? दिल्ली के पीरागढ़ी फ्लाइओवर के पास खड़ी एक कार से तीन शव मिलने के बाद यही सवाल लगातार उठ रहे हैं. घटना का खुलासा हुए 18 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन अब तक पूरी तस्वीर साफ नहीं हो पाई है. क्या यह आत्महत्या का मामला है या इसके पीछे कोई और कहानी छिपी है - पुलिस इन्हीं पहलुओं की जांच कर रही है.
दिल्ली पुलिस को रविवार दोपहर करीब 3.50 बजे PCR कॉल मिली कि एक वाहन में बैठे लोग प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं. टीम मौके पर पहुंची तो सफेद टाटा टियागो कार के अंदर दो पुरुष और एक महिला मृत पाए गए. शुरुआती जांच के बाद उनकी पहचान रणधीर, शिवनरेश और लक्ष्मी देवी के रूप में हुई.
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बताया गया कि रणधीर और शिवनरेश दिल्ली के रणहोला इलाके के रहने वाले थे, जबकि लक्ष्मी देवी जहांगीरपुरी की निवासी थीं. कार भी रणधीर की ही थी लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि तीनों एक साथ उस जगह पर क्यों थे? उनका आपसी संबंध क्या था? क्या वे किसी काम से मिले थे या पहले से कोई योजना बनी थी? पुलिस के सामने यह भी चुनौती है कि मौत की असली वजह का पता लगाया जाए.
जांच में अभी तक शवों पर किसी तरह की चोट या किसी तरह के निशान नहीं मिले हैं. कार के अंदर भी लूटपाट या जबरदस्ती के संकेत नहीं मिले. ऐसे में शुरुआती तौर पर जहर खाने से मौत की आशंका जताई जा रही है और इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा है. हालांकि बिना पोस्टमार्टम रिपोर्ट के इसे अंतिम निष्कर्ष नहीं कहा जा सकता.
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फॉरेंसिक टीम ने मौके से सबूत जुटाए हैं और पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ भी शुरू कर दी है. सवाल यह भी है कि क्या कोई सुसाइड नोट मिला या नहीं, और अगर नहीं मिला तो तीनों ने ऐसा कदम क्यों उठाया होगा? फिलहाल जांच जारी है और कई सवालों के जवाब का इंतजार है.