प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पिछले रविवार को ही जिस नए मेट्रो कॉरिडोर का भव्य उद्घाटन किया गया था, वह गुरुवार को बदमाशों की करतूत का शिकार हो गया. दीपाली चौक से मजलिस पार्क के बीच सिग्नलिंग केबल की बड़ी चोरी के कारण मेट्रो की रफ्तार पर 'ब्रेक' लग गया, जिससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा.
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) के एक अधिकारी के अनुसार, भलस्वा और मजलिस पार्क स्टेशनों के बीच चोरों ने लगभग 500 मीटर सिग्नलिंग केबल पर हाथ साफ कर दिया.
अधिकारियों के मुताबिक गुरुवार सुबह इस चोरी का पता चलने के बाद प्रभावित सेक्शन में ट्रेन सेवाओं को नियंत्रित किया गया.सुरक्षा कारणों से ट्रेनों को उस हिस्से में केवल 25 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलाया गया. आमतौर पर मेट्रो ट्रेनें इससे कहीं अधिक गति से चलती हैं, इसलिए इस बदलाव का असर यात्रियों के समय पर भी पड़ा.
रात में होगा बहाली का काम
DMRC ने स्पष्ट किया है कि सिग्नलिंग केबल डालने का काम यात्रियों की आवाजाही के दौरान संभव नहीं है, क्योंकि इससे सेवाएं पूरी तरह ठप हो सकती हैं. यात्रियों की असुविधा को कम करने के लिए बहाली का काम रात में कमर्शियल ऑपरेशन खत्म होने के बाद किया जाएगा.
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यात्रियों को होने वाली असुविधा को कम करने के लिए प्रभावित स्टेशनों और ट्रेनों में लगातार घोषणाएं की गईं ताकि लोग स्थिति से अवगत रह सकें. मेट्रो प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर मामले की जांच की जा रही है और केबल चोरी करने वालों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है.अधिकारियों ने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा.
गौरतलब है कि इसी रविवार को पिंक लाइन के मजलिस पार्क से मौजपुर-बाबरपुर खंड और इसी लाइन के दीपाली चौक-मजलिस पार्क खंड का उद्घाटन हुआ था. उद्घाटन के चार दिन के भीतर ही इतनी बड़ी सुरक्षा चूक और चोरी ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती पेश कर दी है. दिन भर स्टेशनों और ट्रेनों के भीतर यात्रियों को घोषणाओं के जरिए इस देरी की जानकारी दी जाती रही.