दिल्ली सरकार के आदेश के बाद जल बोर्ड ने राजधानी में 30 स्थानों पर आरओ प्लांट लगाना शुरू कर दिया है, जिनमें से चार प्लांट पहले ही लगाए जा चुके हैं. इससे लोगों को पीने का साफ पानी मिलेगा.
दिल्ली सरकार की तरफ से बताया गया है कि रोहिणी, पप्पन कलां, निलोठी, द्वारका, ओखला, कोंडली और उजवा में सात आरओ प्लांट स्थापित करने के लिए निविदाएं भी आमंत्रित की गई हैं.
दिल्ली सरकार ने विधानसभा में इसकी जानकारी देते हुए कहा, 'पूरी दिल्ली में 30 स्थानों पर आरओ प्लांट स्थापित करने का काम शुरू हो गया है और चार आरओ प्लांट पहले ही लगाए जा चुके हैं. रोहिणी, पप्पन कलां, निलोठी, द्वारका, ओखला, कोंडली और उजवा में सात आरओ प्लांट स्थापित करने के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई हैं.'
सरकार की तरफ से बताया गया कि पप्पन कलां, निलोठी, ओखला और कोंडली की निविदाएं वित्तीय मंजूरी प्राप्त करने की प्रक्रिया में हैं और रोहिणी, द्वारका, उजवा की निविदाएं कानूनी सलाहकार द्वारा समीक्षा की प्रक्रिया में है.
दिल्ली सरकार ने आगे बताया कि पिछले पांच सालों में, दिल्ली जल बोर्ड अध्यक्ष द्वारा छह परियोजनाओं को मंजूरी दी गई और 58.13 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है. सरकार की तरफ से आगे बताया गया कि अब तक परियोजनाओं पर 31.98 करोड़ रुपये खर्च किये जा चुके हैं.
पिछले 10 सालों में दिल्ली जल बोर्ड द्वारा रिसाव को रोकने या कम करने के कामों में 191.12 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. दिल्ली सरकार ने कहा, "जनवरी, 2014 से नवंबर, 2023 तक डीजेबी द्वारा कुल 48,66,738 पानी के नमूने एकत्र किए गए हैं, जिनमें से केवल 37,398 पानी के नमूने असंतोषजनक पाए गए, यानी इसकी मात्रा सिर्फ 0.77 फीसदी है.''