दिल्ली में जहां एक तरफ पारा 40 डिग्री के पार पहुंचा गया है, तो वहीं दूसरी तरफ राजधानी दिल्ली पानी की भयंकर किल्लत से जूझ रही है. दिल्ली के किसी भी इलाके में पानी की व्यवस्था सामान्य नहीं चल रही है, इसी मुद्दे को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा सोमवार को बुलाई गई जल बोर्ड की बैठक विपक्ष के हंगामे के बाद स्थगित हो गई.
दरअसल, बीते दिनों यह सूचना भी आई थी कि दिल्ली के तमाम विधायकों ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को उनके वॉट्सएप ग्रुप में पानी की किल्लत की शिकायत की थी. विधायकों ने यहां तक कहा कि उन्हें जनता के बीच जाने में बेहद कठिनाई हो रही है, क्योंकि जनता पानी को लेकर बार-बार जवाब मांग रही है. कई विधायकों ने तो हार का कारण दिल्ली में खराब पानी की व्यवस्था तक को जिम्मेदार ठहरा दिया था.
समर एक्शन प्लान कहां है- विपक्ष
दरअसल, जल बोर्ड की बैठक में मुख्यमंत्री के सामने ही बीजेपी की ओर से नामित तमाम जलबोर्ड सदस्यों ने हंगामा करना शुरू कर दिया. बीजेपी नेता जयप्रकाश और नॉर्थ एमसीडी के डिप्टी मेयर सतपाल मलिक ने समर एक्शन प्लान अब तक लागू ना होने पर गंभीर सवाल उठाए. जय प्रकाश ने कहा कि यह बेहद हैरान करने वाली बात है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ही जल बोर्ड के चेयरमैन हैं और दिल्ली पानी की किल्लत से जूझ रही है. गर्मी अपने पर चरम है, ऐसे में अब तक समर एक्शन प्लान जनता के सामने क्यों नहीं रखा गया. उत्तरी दिल्ली नगर निगम के डिप्टी मेयर और जल बोर्ड के सदस्य सतपाल मलिक का कहना है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहे हैं, ऐसे में विपक्ष के आरोपों का मुख्यमंत्री के पास कोई जवाब नहीं है.
विपक्ष के हंगामे के बाद टली बैठक
दिल्ली सचिवालय में होने वाली जल बोर्ड की बैठक टाल दी गई. जल बोर्ड की बैठक दिल्ली के कई इलाकों में पानी की जबरदस्त किल्लत को देखते हुए बुलाई गई थी, मगर जल बोर्ड के सदस्यों के विरोध के बाद बैठक को दो दिन के लिए टाल दिया गया. जल बोर्ड में बीजेपी के सदस्यों ने दिल्ली सरकार पर एजेंडा देरी से देने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि जल बोर्ड इस बार अपना समर एक्शन प्लान तक तैयार नहीं कर पाया है, लेकिन बाहर विपक्ष के नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव में व्यस्तता होने के कारण मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में पानी की व्यवस्था पर ध्यान तक नहीं दिया.