दिल्ली की सत्ता में बड़ा फेरबदल हुआ है. आतिशी अब सीएम बनने जा रही हैं और केजरीवाल इस्तीफा दे चुके हैं. ऐसे में दिल्ली की नई सीएम के तौर पर आतिशी को आगे कर आम आदमी पार्टी ने चुनावी पिच सेट कर दी है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में पार्टी का फोकस महिला वोटरों पर रहेगा. महिलाएं घरों में वोटो को प्रभावित करने की क्षमता रखती हैं. बदले हुए राजनीतिक समीकरण को देखकर मुख्य विपक्षी बीजेपी रणनीतिक बदलाव करने को मजबूर हो गई है.
हालांकि लोकसभा चुनाव में पार्टी की ओर से सात में दो महिला उम्मीदवार उतारने का फायदा हो चुका है. ऐसे में अब विधानसभा चुनाव में भी महिला उम्मीदवार उतारने की रणनीति पर पार्टी विचार कर रही है.
भाजपा को बदलनी होगी रणनीति
केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की बदौलत लोकसभा और विधानसभा चुनावों में महिला मतदाताओं की संख्या तेजी से बढ़ी है. भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की एक रिसर्च के मुताबिक पिछले पांच वर्षों में जिन 23 बड़े राज्यों में चुनाव हुए हैं, उनमें से 18 राज्यों में पुरुषों से ज्यादा महिला मतदाताओं ने मतदान किया. इसके मुताबिक राजनीति में गेम चेंजर साबित होने वाली महिला मतदाता 2029 के चुनाव में पुरुषों से ज्यादा मतदान करेंगीं. मताधिकार का इस्तेमाल करने वाले कुल 73 करोड़ मतदाताओं में 37 करोड़ महिलाएं ही होंगी.
पुरुषों की तुलना में महिलाओं ने किया ज्यादा मतदान
लोकसभा चुनाव के वोटिंग ट्रेंड को देखें तो महिलाएं पुरुषों की तुलना में मतदान करने के लिए ज्यादा आगे आ रही हैं. इसके पीछे वेलफेयर स्कीम्स हैं. दिल्ली में भी महिलाओं को साधने के लिए 1000 रुपए प्रतिमाह की स्कीम पर आतिशी ने आगे बढ़ने के संकेत भी दे दिए हैं.
महिलाओं की उम्मीदवारी बढ़ाने की होगी कोशिश
2019 में 7 लोकसभा सीटों पर हैट्रिक लगाने के बाद भी बीजेपी 2020 विधानसभा चुनावों में खास प्रदर्शन नहीं कर पाई थी. इस बदले हुए राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए भाजपा इस बार दिल्ली में बड़ी संख्या में महिला उम्मीदवार उतार सकती है. वर्तमान में दिल्ली की सात सांसद में से दो महिला हैं. दिल्ली बीजेपी के सूत्रों ने बताया कि बदले हुए राजनीतिक माहौल में भी आम आदमी पार्टी पर लगने वाले भ्रष्टाचार के आरोप खत्म नहीं हो जाते. बल्कि अब जोर-शोर से जनसंपर्क अभियान के जरिए दिल्ली बीजेपी विधानसभा चुनाव जीतने के लिए लोगों के बीच जा रही है.
विधानसभा चुनाव के लिए क्या है पार्टी की स्ट्रेटजी
सूत्रों के मुताबिक महिला मतदाताओं को साधने के लिए पार्टी दिल्ली में हर लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाली तीन विधानसभा सीटों पर महिला उम्मीदवार उतारने की रणनीति पर काम कर रही है. पार्टी में सक्रिय और क्षेत्र में मजबूत पकड़ रखने वाली महिलाओं को प्राथमिकता देगी. पार्टी की कोशिश होगी कि महिलाओं को टिकट देने में परिवारवाद नहीं हो. पार्टी के लिए समर्पित महिला कार्यकर्ता को उम्मीदवार बनाने से स्थानीय स्तर पर नाराजगी भी कम होगी और महिला मतदाताओं को लुभाने में मदद मिलेगी.
बसों में मुफ्त यात्रा और अब महिला सीएम- आप का दोहरा चुनावी दांव
केजरीवाल सरकार की महिलाओं के लिए बसों में मुफ्त यात्रा करने की योजना के कारण बड़े पैमाने पर महिला मतदाता AAP के पक्ष में मतदान कर सकती हैं. भाजपा AAP के इस आधार को तोड़ने के लिए ही बड़े पैमाने पर महिला उम्मीदवार उतारने की रणनीति पर काम कर रही है. लोकसभा चुनाव में पार्टी की ओर से सात में दो महिला उम्मीदवार उतारने का फायदा हो चुका है. ऐसे में अब विधानसभा चुनाव में भी महिला उम्मीदवार उतारने की रणनीति पर विचार हो रहा है. पार्टी का मानना है कि महिला उम्मीदवार होने से महिलाओं की सहानुभूति पार्टी के पक्ष में करने में मदद मिलेगी. भाजपा का मानना है कि दिल्ली के लोगों में अब आम आदमी के प्रति पहले जैसा आकर्षण नहीं है. AAP नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप से दिल्ली सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा है.