को दुबई में शुक्रवार को वर्ल्ड ब्रांड सम्मिट में 'सबसे प्रभावशाली शख्स' का सम्मान दिया गया. इसके बाद उन्होंने अपने बिजनेस क्लास के हवाई सफर पर सफाई दी. 'आम आदमी' की परिभाषा पर अपना और पार्टी का नजरिया सामने रखते हुए उन्होंने कहा, 'आम आदमी गरीब आदमी नहीं है. वह है जो इस देश में एक ईमानदार व्यवस्था चाहता है. खास आदमी वह है जो आज के बेईमान सिस्टम को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर रहा है और जो कभी नहीं चाहता कि यह सिस्टम सुधरे.'
व्यंग्य करते हुए उन्होंने कहा, 'जैसे ही मैंने यहां लैंड किया, पता चला कि हमारे देश में डिबेट चल रहा है कि मैं बिजनेस क्लास में इधर आया. मैं वहां पर था नहीं, वरना मैं उनको बता देता कि मैं बिना टिकट वहां नहीं बैठा था.' उन्होंने कहा कि हमारा भारत का सपना यही है कि हर आम आदमी बिजनेस क्लास में सफर करने लायक बने. हमारा सपना यह नहीं है कि सारे बिजनेस क्लास वालों को उठा-उठाकर ट्रेन में बैठा दें. हम विकास चाहते हैं.
गौरतलब है कि केजरीवाल दुबई पहुंचे थे. इस पर विपक्षी दलों ने काफी हो-हल्ला मचाया. हालांकि बाद में आम आदमी पार्टी ने साफ कर दिया कि केजरीवाल को बिजनेस क्लास का टिकट उस संस्था की ओर से मिला था जिसने उन्हें सम्मानित किया.
उन्होंने कहा, 'मैं एक बार बनारस से लौट रहा था. मैं गया ट्रेन से और वापसी मैं हवाई जहाज से आया. मैं इकॉनमी क्लास में था. 24 घंटे चैनलों पर चला कि ये तो हवाई जहाज में भी जाता है. मैं आम आदमी की परिभाषा साफ करना चाहता हूं. दिल्ली विधानसभा में भी मैंने यह कहा था. आम आदमी गरीब आदमी नहीं है. वह है जो इस देश में एक ईमानदार व्यवस्था चाहता है. खास आदमी वह है जो आज के बेईमान सिस्टम को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर रहा है और जो कभी नहीं चाहता कि यह सिस्टम सुधरे.'
केजरीवाल के शब्द थे, 'ग्रेटर कैलाश में रहने वाला अमीर आदमी जो सिस्टम बदलना चाहता है, वह भी आम आदमी हो सकता है. और एक गरीब आदमी जो किसी भी तरह से सिस्टम का गलत फायदा उठा रहा है, वह भी खास आदमी है. इसलिए आम आदमी गरीब आदमी नहीं है, वह है जो ईमानदार राजनीति चाहता है. आपमें से बहुत सारे लोग हैं, जिन्होंने ईमानदारी से पैसा कमाया है. ईमानदारी से पैसा कमाने में कुछ भी गलत नहीं है.'