आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने रविवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि 140 करोड़ लोग मिलकर देश से तानाशाही सरकार को उखाड़ फेंकेंगे और आज से बदलाव की उलटी गिनती शुरू हो गई है. केजरीवाल ने कहा, 'भाजपा सत्ता की राजनीति करे, आम आदमी पार्टी जनता के लिए काम करती रहेगी.'
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार दिल्लीवालों के ‘बेटे’ को भ्रष्ट बताते रहे, लेकिन अदालत के फैसले ने साफ कर दिया कि केजरीवाल कट्टर ईमानदार था, है और रहेगा. अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि उन्हें गिरफ्तार कर यह संदेश दिया गया कि अगर कोई ईमानदारी से काम करेगा, तो उसके साथ ऐसा ही सलूक किया जाएगा. उन्होंने दावा किया कि पिछले चार वर्षों में मोदी जी और अमित शाह ने साजिश के तहत दिल्ली के लोगों को परेशान किया और आम आदमी पार्टी को खत्म करने की कोशिश की.
फर्जी मामलों के जरिए विपक्ष की आवाज दबाई जा रही
केजरीवाल ने कहा कि पूरे देश में झूठे आरोपों और फर्जी मामलों के जरिए विपक्ष की आवाज दबाई जा रही है. आम आदमी पार्टी प्रमुख ने अपने संबोधन में कहा कि 2014 में कांग्रेस के भ्रष्टाचार से तंग आकर जनता ने नरेंद्र मोदी को पूर्ण बहुमत दिया था, लेकिन 12 साल बाद देश का हर सेक्टर बदहाल है. उन्होंने कहा कि न अच्छी सड़कें हैं, न पीने का पानी, न साफ हवा और न ही 24 घंटे बिजली. शिक्षा, स्वास्थ्य, रेलवे, एयरलाइंस और बैंकिंग- हर क्षेत्र में हालात खराब हैं.
दिल्लीवालों से किए वादे BJP सरकार ने नहीं किए पूरे
दिल्ली की मौजूदा भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि महिलाओं को 2500 रुपये देने, बस मार्शलों को नियमित करने और रोजगार देने जैसे सारे वादे झूठे साबित हुए. उल्टा हजारों बस मार्शलों, डीटीसी कर्मचारियों और मोहल्ला क्लीनिक के कर्मियों को नौकरी से निकाल दिया गया. उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार में दिल्ली को 24 घंटे बिजली मिलती थी, लेकिन अब लंबे पावर कट और गंदा पानी लोगों की जिंदगी मुश्किल बना रहा है.
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में स्कूल, अस्पताल, बिजली, पानी और सड़कों को सुधारकर देश को यह उम्मीद दी थी कि भारत बदला जा सकता है. उन्होंने दावा किया कि आज दिल्ली समेत पूरे देश में लोग फिर से बदलाव चाहते हैं और 1 मार्च, 2026 के बाद भाजपा के पतन की गिनती शुरू हो चुकी है.