साउथ दिल्ली के सैनिक फार्म इलाके में एक 72 साल के चार्टर्ड अकाउंटेंट को हनीट्रैप में फंसाकर अपहरण और लूट की वारदात को अंजाम देने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार आरोपियों में सेना का एक कार्यरत जवान भी शामिल है. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने बुजुर्ग को निशाना बनाकर योजनाबद्ध तरीके से पूरी साजिश रची थी.
पुलिस ने बताया कि घटना 2 मई की शाम की है, जब बुजुर्ग अपने सैनिक फार्म स्थित घर में अकेले थे. उन्हें लगा कि उनकी परिचित कल्पना कुमारी उनसे मिलने आ रही है. लेकिन जैसे ही महिला घर पहुंची, उसके साथ मौजूद अन्य लोग भी अंदर घुस गए और उन्होंने बुजुर्ग पर हमला कर दिया. आरोपियों ने उन्हें टेप से बांध दिया और घर में रखी नकदी, जेवर और जरूरी दस्तावेज लूट लिए.
जांच के अनुसार, आरोपियों ने घर की अलमारी से करीब पांच लाख रुपये, दराज से नकदी, पर्स, सोने की अंगूठियां और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए. इसके बाद वे पीड़ित को उनकी ही कार में जबरन बैठाकर मेरठ की ओर निकल गए. रास्ते में आरोपियों ने बुजुर्ग से 50 लाख रुपये की फिरौती मांगते हुए उनके परिचितों को फोन करने का दबाव बनाया.
हालांकि रकम का इंतजाम नहीं हो सका. इसके बाद आरोपी पीड़ित को हरियाणा के फिरोजपुर झिरका क्षेत्र के पास दिल्ली-मुंबई हाईवे पर छोड़कर फरार हो गए. किसी तरह बुजुर्ग एक ढाबे तक पहुंचे और पुलिस को सूचना दी.
मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने अपहरण, लूट और आपराधिक साजिश की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू की. करीब 36 घंटे तक लगातार पीछा करने के बाद पुलिस ने उत्तर प्रदेश के मथुरा से कल्पना और सुरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में सामने आया कि दोनों की मुलाकात इंस्टाग्राम पर हुई थी और बाद में दोनों ने शादी भी की थी. इसके बाद उन्होंने इस वारदात की योजना बनाई.
पुलिस ने बाद में हरियाणा के फतेहाबाद जिले में छापेमारी कर दो अन्य आरोपियों को भी पकड़ लिया. उनके कब्जे से नकदी, सोने के जेवर, लूटे गए दस्तावेज और वारदात में इस्तेमाल की गई एयर गन बरामद की गई है. पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपी पहले भी इस तरह की घटनाओं में शामिल रहे हैं या नहीं.