छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जहां स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर पंचायत के सरपंच सचिव ने मुर्गा, बकरा खिलाने का बिल बनाकर जमा कराया. यह मामला बलरामपुर जनपद पंचायत क्षेत्र का है. भेलवाडीह गांव के कुछ ग्रामीणों ने कलेक्टर को बताया कि तत्कालीन सरपंच-सचिव ने साल 2017 में ओडीएफ के समय बकरा, मुर्गा, दाल, चावल के नाम पर चौतीस हजार पांच सौ रुपये लिए हैं.
खाने पीने का बिल लगाकर निकाले रुपये
ओडीएफ घोषित करने से पहले स्वच्छ भारत मिशन के अधिकारियों की टीम गांव-गांव पहुंच कर निरीक्षण करती थी कि गांव में स्वीकृत शौचालयों का निर्माण हुआ हैं या नहीं. जिसके बाद उन गांवों को ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) का दर्जा दिया जाता था और ठीक ऐसा ही निरीक्षण करने अफसरों की टीम गांव पहुची थी. साल 2014 में पीएम मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत हर घर शौचालय की मुहिम चलाई थी.
ग्रामीणों ने कलेक्टर से की शिकायत
इस मामले की शिकायत मिलने पर अधिकारी ने ग्रामीणों को जांच का आदेश दिया है. 4 साल पहले ओडीएफ के दौरान सरपंच सचिव बकरा मुर्गा के नाम पर सरकारी पैसा निकाले हैं. इसमें कई अधिकारी भी शामिल होने की आशंका जताई जा रही है. ग्रामीणों ने बताया कि हमने कलेक्टर से पूर्व में भी शिकायत की थी. लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुआ. हम चाहते हैं आरोपी के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाए.