छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक महिला वकील का शव जंगल में मिलने से सनसनी फैल गई. पुलिस के अनुसार, महिला की धारदार हथियार से हत्या किए जाने की आशंका है. 12 मई को पुंजीपथरा थाना क्षेत्र के तुमिडीह जंगल में झाड़ियों के बीच महिला का शव औंधे मुंह और निर्वस्त्र अवस्था में मिला. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सोनी ने बताया कि मृतका के गले और गर्दन पर चोट के निशान पाए गए, जबकि उसके कपड़े पास में बरामद हुए.
पुलिस के मुताबिक, पहचान छिपाने के उद्देश्य से महिला का चेहरा पत्थरों से कुचला गया था. मृतका रायगढ़ जिला अदालत में प्रैक्टिस करने वाली जूनियर अधिवक्ता थीं. वह आदिवासी समुदाय से संबंध रखती थीं और रायगढ़ में किराए के कमरे में रहती थीं. पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 101(3) और 238 के तहत हत्या और साक्ष्य नष्ट करने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
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मामले को “ब्लाइंड मर्डर” बताते हुए पुलिस सभी संभावित पहलुओं से जांच कर रही है.
वकीलों का विरोध प्रदर्शन और मांगें
घटना के विरोध में जिला बार एसोसिएशन के सदस्यों ने शुक्रवार को शोक सभा आयोजित की. इसके बाद सैकड़ों वकीलों ने जिला अदालत से पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला. प्रदर्शन में शामिल वकीलों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा.
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष लालमणि त्रिपाठी ने कहा कि एसोसिएशन अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम की मांग का समर्थन करता है. उन्होंने यह भी घोषणा की कि एसोसिएशन का कोई भी वकील इस मामले में आरोपियों की पैरवी नहीं करेगा.
पुलिस जांच जारी, परिवार ने जताई नाराजगी
पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि शुरुआती सुरागों के आधार पर कुछ संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है. हालांकि हत्या का मकसद अभी स्पष्ट नहीं हो सका है, लेकिन पुलिस ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का भरोसा जताया है.
वहीं, मृतका के परिजनों ने पुलिस जांच की रफ्तार पर नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि घटना के चार दिन बाद भी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई, जिससे परिवार में चिंता और आक्रोश है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है.