दो दशक बाद एक साथ सियासी मंच पर दिख रहे नीतीश कुमार और लालू यादव ने एक बार फिर पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है. नीतीश ने कहा कि मोदी को जहरीले प्रचार की वजह से लोकसभा चुनाव में जीत मिली. वहीं लालू ने मोदी पर देश का अपमान करने का आरोप लगाया. इससे पहले हाजीपुर रैली में भी लालू और नीतीश ने मोदी पर निशाना साधा था.
छपरा में एक चुनावी रैली में नीतीश ने राजद के साथ गठबंधन पर विरोधियों द्वारा उठाए जा रहे सवाल का जवाब दिया. नीतीश ने कहा कि आज देश में जहरीली राजनीति हो रही है. उन्होंने कहा, 'टीवी पर प्रचार की वजह से बच्चा-बच्चा बोला 'अबकी बार, मोदी सरकार'. इस जहरीले प्रचार की दवा आरजेडी, जेडी(यू) और कांग्रेस का महागठबंधन है.' पूर्व सीएम ने आरएसएस पर समाज में अफवाह फैलाने का आरोप लगाया है. इससे पहले नरकटियागंज में कांग्रेस उम्मीदवार के लिए नीतीश ने पहली बार वोट मांगे.
राजद प्रत्याशी के प्रचार के लिए आए नीतीश ने कहा, 'इस बार लोकसभा चुनाव में बीजेपी दुष्प्रचार कर दिल्ली की सत्ता पर काबिज हो गई, लेकिन सत्ता के लिए जिस तरह की जहरीली राजनीति बीजेपी ने की, उससे देश और समाज का भला नहीं हो सकता. देश आपसी भाईचारे और मिल्लत से चलता है. दिल्ली की गद्दी पर बैठे लोगों का घमंड सारण की जनता चूर करेगी.'
वहीं, लालू ने अपने पुराने अंदाज में कहा कि लाल किले पर गांधी टोपी की जगह भगवा टोपी पहनकर मोदी ने देश का अपमान किया है. यह देश गांधी बाबा की वजह से आजाद हुआ.' राजद प्रमुख ने केंद्र की एनडीए सरकार को फेल करार दिया है.
'मोदी ने उतार दी गांधी की टोपी'
लालू ने कहा, 'दिल्ली की सत्ता पर फिरकापरस्त ताकतों का कब्जा हो गया है. बीजेपी को न तो बापू में आस्था है और न ही उनके विचारों में. अब तो नरेंद्र मोदी ने गांधी बाबा की टोपी भी उतार दी. लालकिला से 15 अगस्त को ध्वजारोहण के समय गांधी टोपी के बदले पगड़ी धारण कर लिया.'
बीजेपी पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए राजद मुखिया ने कहा, 'बीजेपी ने लोकसभा चुनाव में बड़े-बड़े सपने और सब्जबाग दिखाए गए, लेकिन आज हकीकत में ठीक उसके उलट हो रहा है. न तो कालाधन वापस आया और न ही महंगाई रुकी. आज स्थिति यह है कि आलू 30 तो टमाटर 90 रुपये किलो बिक रहा है.' लालू ने कहा कि वोटों में बिखराव के कारण ही बीजेपी की जीत हुई. इस महागठबंधन को 45 फीसदी से ज्यादा वोट मिला, लेकिन उस समय मिल्लत न होने के कारण हमारे प्रत्याशियों की हार हुई. गठबंधन हो जाने के बाद विरोधियों में बेचैनी है. महागठबंधन से सांप्रदायिकता के खिलाफ बही बयार पूरे देश तक जाएगी.
राज्य में 10 सीटों पर हो रहे उप चुनाव में आरजेडी, जेडी(यू) और कांग्रेस एक साथ सियासी मैदान में उतरे हैं.