बिहार के सत्ताधारी महागठबंधन का नेतृत्व कर रही नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने अपनी राष्ट्रीय टीम के नए पदाधिकारियों का ऐलान कर दिया है. जेडीयू की राष्ट्रीय टीम में एक उपाध्यक्ष और 20 नए महासचिवों को जगह दी गई है. राष्ट्रीय टीम के नए पदाधिकारियों की इस लिस्ट को राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने मंजूरी दे दी है.
जेडीयू की राष्ट्रीय टीम में मंगनीलाल मंडल को भी जगह मिली है. चार साल पहले जेडीयू जॉइन करने वाले वरिष्ठ नेता मंगनीलाल मंडल को जेडीयू का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है. मंगनीलाल मंडल जेडीयू के इतिहास में महज दूसरे ऐसे व्यक्ति हैं, जिसे पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है. मंगनीलाल मंडल से पहले चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर (पीके) को जेडीयू का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया था.
पीके ने जब जेडीयू जॉइन की थी, तब नीतीश कुमार की पार्टी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन एनडीए का हिस्सा थी. अब जेडीयू का गठबंधन राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के साथ है. अब आरजेडी और जेडीयू, दोनों ही दल साथ हैं. मंगनीलाल मंडल भी कई बार पार्टी बदल चुके हैं. वहीं, जेडीयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी की राष्ट्रीय कमेटी से छुट्टी हो गई है.
केसी त्यागी से छिना पद
केसी त्यागी के पास मुख्य महासचिव जैसा भारी-भरकम पद था. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक जेडीयू सूत्रों की मानें तो नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में से एक केसी त्यागी कई मुद्दों पर पार्टी आलाकमान के दिशानिर्देशों की प्रतीक्षा किए बिना सार्वजनिक रूप से राय रखते रहे हैं. यही बात आलाकमान को खटकी है और केसी त्यागी को पद गंवाना पड़ा.
केसी त्यागी दिल्ली में रहते हैं और पीटीआई के मुताबिक उनसे संपर्क करने की कोशिश भी की गई लेकिन फोन पर संपर्क नहीं हो सका. नए पदाधिकारियों में 22 राष्ट्रीय महासचिव हैं जिनमें मुख्यमंत्री के गृह जिले नालंदा के पूर्व विधायक राजीव रंजन भी शामिल हैं. राजीव रंजन ने हाल ही में बीजेपी से नाता तोड़कर जेडीयू में वापसी की थी. राजीव रंजन को जेडीयू का प्रदेश महासचिव बनाया गया था.
राजीव रंजन को मिला प्रवक्ता का भी पद
जेडीयू ने एमएलसी अफाक अहमद खान को महासचिव पद पर बरकरार रखा है. बीजेपी छोड़कर जेडीयू में लौटे पूर्व विधायक राजीव रंजन को पार्टी महासचिव के साथ-साथ प्रवक्ता भी बनाया गया है. पार्टी की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा गया है कि राजीव रंजन जेडीयू का मीडिया में पक्ष रखने के लिए अधिकृत व्यक्ति हैं.
इन नेताओं को भी मिला राष्ट्रीय महासचिव का पद
जेडीयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सांसद रामनाथ ठाकुर, गिरिधारी यादव, संतोष कुशवाहा, चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी, विजय मांझी और रामप्रीत मंडल को भी राष्ट्रीय महासचिव के रूप में जगह दी गई है. प्रदेश सरकार में मंत्री संजय झा, हाल ही में दूसरे दलों से जेडीयू में आए कमर आलम, मोहम्मद अली अशरफ फातमी, भगवान सिंह कुशवाहा, रामकुमार शर्मा और दसई चौधरी को भी राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है.
राष्ट्रीय पदाधिकारियों की नई लिस्ट में सोशल इंजीनियरिंग पर भी पार्टी का फोकस साफ नजर आ रहा है. पार्टी ने अल्पसंख्यक समुदाय को भी साधने की कोशिश की है. पूर्व सांसद कहकशां परवीन और एमएलसी गुलाम रसूल बलियावी को भी राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है. इसके अलावा एमएलसी रविंद्र सिंह समेत सात राष्ट्रीय सचिव भी बनाए गए हैं.
आलोक सुमन होंगे नए कोषाध्यक्ष
गोपालगंज सुरक्षित सीट से सांसद आलोक कुमार सुमन को कोषाध्यक्ष बनाया गया है. जेडीयू पदाधिकारियों की नई लिस्ट में जातीय समीकरणों का खास ध्यान पार्टी ने रखा है. अति पिछड़ा वर्ग, दलित, कुर्मी और कोइरी नेताओं को यादव और सवर्ण नेताओं की तुलना में अधिक तरजीह दी गई है. यादव बड़ी तादाद में जेडीयू की गठबंधन सहयोगी आरजेडी के समर्थक माने जाते हैं तो वहीं सवर्ण बीजेपी समर्थक.