बिहार के बांका जिले की मिहदत अपने हाथो में मेंहदी लगा कर बैठी रही. शादी की सारी तैयारियां धरी की धरी रह गईं. क्योंकि उनके होने वाले शौहर असहर हुसैन रिजवी को शादी के ठीक पहले पाकिस्तान से भारत आने का वीजा नहीं मिला.
दरअसल बिहार के बांका जिले की मिहदत का निकाह पाकिस्तान के कराची के रहने वाले असहर हुसैन रिजवी से मंगलवार को होना था. रिजवी पाकिस्तान के कराची से बारात लेकर आने वाले थे. लेकिन मिहदत का ख्वाब उस वक्त टूट गया जब पता चला कि बारात नहीं आ रही है क्योंकि उसके होने वाले शौहर को वीजा नही मिला पाया.
गौरतलब है कि मिहदत के पिता मो सज्जाद बांका के जिला अस्पताल में एम्बुलेंस चलाते हैं. जो पाकिस्तान के कराची के रहने वाले अजहर हुसैन रिज्वी से अपनी बेटी का निकाह करवाना चाहते थे. अजहर, सज्जाद की पत्नी का चचेरा भाई है. दोनों की मंगनी हो चुकी है. शादी की सारी तैयारी हो चुकी है लेकिन बारात नहीं आ पा रही है. वहीं परिवार वालो की मांग है कि दे ताकि उनका निकाह मुकम्मल हो सके.
पाकिस्तानी मीडिया इस खबर को प्रमुखता से दिखाया जिसमें कहा गया कि भारत के गैरजिम्मेदार रवैये की वजह से दो खानदान नहीं मिल पाये. असहर हुसैन रिजवी का कहना है कि वीजा अप्लाई किए 50 दिन गुजर गए. लेकिन अब तक वीजा जारी नही किया गया. उनका कहना है कि मेरी गुजारिश है कि जल्दी से जल्दी वीजा जारी किया जाए. मिहदत की भी मांग है की भारत सरकार पाकिस्तान में रह रहे असहर को वीजा दे ताकि उनका निकाह हो सके.