बिहार के मुजफ्फरपुर में एल एस कॉलेज के फारसी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. सैयद नकी अब्बास (कैफी) को फारसी भाषा और साहित्य में उल्लेखनीय योगदान के लिए ईरान सरकार ने सम्मानित किया है. उन्हें ईरान की तरफ से सादी अवार्ड से नवाजा गया है.
कैफी की इस उपलब्धि पर कॉलेज के शिक्षकों ने उन्हें गुलाब फूल देकर बधाई दी. कॉलेज के प्राचार्य और शिक्षकों ने खुशी जाहिर करते हुए कॉलेज में एक बार फिर फारसी (कैथी) भाषा को लेकर बेहतर शुरुआत करने की बात कही है.
ईरान सरकार से सादी अवार्ड पाने वाले सहायक शिक्षक डॉ सैयद नकी अब्बास (कैफी) ने बताया की पूरे देश से एक व्यक्ति का चयन हुआ था. ईरान सरकार के द्वारा फारसी भाषा पर उल्लेखनीय कार्य के लिए गैर ईरानी को यह सम्मान दिया जाता है. सादी अवार्ड काफी महत्वपूर्ण है जो हमें मिला है. उन्होंने कहा कि अब अपने कॉलेज में भी फारसी को लेकर बेहतर माहौल बनाया जायेगा.
वहीं कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर ओपी राय ने कहा कि फारसी विभाग की समृद्ध विरासत रही है. साल 1927 में फारसी भाषा को लोकप्रिय बनाने के लिए बज्म-ए-फारसी सोसाइटी के गठन से संबंधित कागजात कॉलेज की लाइब्रेरी में मौजूद हैं. ईरान सरकार के संस्कृति विभाग की ओर से दिल्ली के ईरान कल्चर हाउस में सात फरवरी को हुए समारोह में डॉ. कैफी को यह अवार्ड प्रदान किया गया है.
प्रिसिपल ने कहा, अवार्ड मिलने पर कॉलेज परिवार काफी गौरवान्वित है. हम सभी बधाई दे रहे है. उन्होंने कहा कि एक बार फिर फारसी कैथी विभाग बेहतर कार्य करेगा, आमलोगों को आज भी जमीन संबंधित पुराने दस्तावेज को पढ़ने में दिक्कत होती है इसलिए कैथी भाषा में काफी ऑप्शन भी है.