बिहार सरकार ने चीनी कंपनियों के साथ पार्टनरशिप रखने वाले उन दो कॉन्ट्रैक्टर का टेंडर कैंसिल कर दिया है जिन्हें पटना में गंगा नदी पर महात्मा गांधी सेतु के सामानांतर एक नया पुल बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी.
समाचार एजेंसी एएनआई ने बिहार के सड़क निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव के हवाले से कहा कि 4 में से 2 ठेकेदारों के टेंडर को राज्य सरकार ने रद्द कर दिया है. उन्होंने कहा कि पटना में गंगा नदी पर महात्मा गांधी सेतु के बराबर में एक और नए पुल का निर्माण किया जाना है. इसके लिए 4 ठेकेदारों का चयन किया गया था. इनमें से 2 कॉन्ट्रैक्टरों की चीनी कंपनियों के साथ साझेदारी थी. इसलिए राज्य सरकार इन दो कॉन्ट्रैक्टरों का टेंडर रद्द कर दिया है.
कॉन्ट्रैक्टरों को चीनी साझेदारी बदलने कहा गया
नंद किशोर यादव ने कहा कि सरकार ने ये कदम उठाने से पहले इन दो ठेकेदारों को अपना पार्टनर बदलने को कहा था, लेकिन ये दोनों ठेकेदार ऐसा नहीं कर पाए, इसके बाद राज्य सरकार ने इनके टेंडर को ही रद्द कर दिया.
गलवान की मुठभेड़ के बाद चीन के खिलाफ गुस्सा
बता दें कि लद्दाख की गलवान घाटी में चीन द्वारा भारतीय सैनिकों के साथ किए गए धोखे के बाद चीन को लेकर भारत में काफी गुस्सा है. देश में चीनी कंपनियों और चीनी सामानों का जोरदार विरोध हो रहा है.
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7 कंपनियों ने टेंडर भरा था
बिहार सरकार के मंत्री नंद किशोर यादव ने कहा कि इस प्रोजेक्ट के लिए 7 कंपनियों ने टेंडर भरा था, इसमें से 3 अयोग्य हो गए. बाकी 4 कंपनियों में से 2 कंपनियों के चीनी साझेदार थे. इन दोनों कंपनियों को कहा गया कि वे अपना साझेदार बदल लें, लेकिन ये कंपनियां ऐसा नहीं कर पाईं, इसके बाद इन दोनों कंपनियों का टेंडर रद्द कर दिया गया. नंद किशोर यादव ने कहा कि इस प्रोजेक्ट के लिए 27 जून को फिर से निविदा मंगाई गई है, इस निविदा को भरने की आखिरी तारीख 29 जुलाई है.
अहम प्रोजेक्ट में विदेशी भागीदारी ठीक नहीं
बिहार सरकार के मंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी सेतु के सामानांतर बनने वाला ये पुल बेहद अहम है. यदि इस प्रोजेक्ट में विदेशी कंपनियों की भागीदारी बढ़ जाएगी तो ये देश और राज्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है. इसलिए लंबी चर्चा और सोच विचार के बाद ही हमने इस प्रोजेक्ट के लिए फिर से टेंडर जारी किया है.