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बिहार में डेंगू के 82 संदिग्ध मामले, सरकार के कान खड़े

दिल्ली में लोगों के लिए आतंक बना मच्छरजनित रोग डेंगू बिहार में भी पांव पसारने लगा है और बीते 20 दिनों में इसके 82 संदिग्ध मामले सामने आये हैं.

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दिल्ली में लोगों के लिए आतंक बना मच्छरजनित रोग डेंगू बिहार में भी पांव पसारने लगा है और बीते 20 दिनों में इसके 82 संदिग्ध मामले सामने आये हैं.

स्वास्थ्य विभाग में अपर सचिव राजेंद्र प्रसाद ओझा ने बताया कि समस्तीपुर, भागलपुर, पूर्णिया और नवादा जिले से सरकारी अस्पतालों में डेंगू के 82 संदिग्ध मामले बीते 20 दिनों में सामने आये हैं. लोगों को इस मच्छरजनित बीमारी से बचाने के लिए जागरुकता अभियान चलाने के साथ साथ मैलाथियोन की फॉगिंग की जा रही है.

उन्होंने कहा कि राज्य में डेंगू के कारण किसी भी व्यक्ति के मौत की सूचना नहीं है. स्वास्थ्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने भागलपुर में सरकारी जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कालेज एवं अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) में डेंगू वार्ड का निरीक्षण किया. अस्पताल में कुछ पीड़ितों को बेड नहीं मिलने पर नाराज मंत्री ने अधीक्षक विनोद कुमार को फटकार लगायी.

चौबे ने बाद में संवाददाताओं से कहा कि राज्य में डेंगू के कुछ संदिग्ध मामले सामने आये हैं. चिकित्सकों को मरीजों की अच्छी तरह से देखभाल करने को कहा गया है. इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी. सरकार स्थिति पर लगातार नजर रखे है.

अपर सचिव ने बताया कि पटना में स्थापित स्वास्थ्य विभाग का कंट्रोल रूम लगातार काम कर रहा है. लोग 102 नंबर पर फोन कर आपात निशुल्क एंबुलेंस सेवा ले सकते हैं. कोई भी व्यक्ति आस-पास या परिवार में तेज बुखार के साथ डेंगू के लक्षण देखे तो वह कंट्रोल रूम को सूचित कर सकता है.

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