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फैक्ट चेक: सेना के लाठीचार्ज का ये वीडियो पश्चिम बंगाल के मालदा का नहीं है, ये है असलियत

मालदा घटना से जोड़कर वायरल किया जा रहा वीडियो फर्जी निकला है. इसमें दिख रहा लाठीचार्ज भारत का नहीं, बल्कि बांग्लादेश के चुनाव के दौरान का है. NIA इस बीच मालदा मामले की जांच कर रही है.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
ये वीडियो पश्चिम बंगाल के मालदा का है जहां भारतीय सेना ने उपद्रवियों को सबक सिखाया.
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
फरवरी का ये वीडियो बांग्लादेश का है जहां आम चुनाव के वक्त बवाल के बाद वहां की सेना ने लाठीचार्ज किया था.

पश्चिम बंगाल के मालदा में 1 अप्रैल को चुनाव से जुड़े काम के दौरान न्यायिक अधिकारियों को कुछ लोगों ने पकड़कर घंटों तक बंधक बनाए रखा. कई रिपोर्ट्स के मुताबिक अधिकारियों पर हमले की भी कोशिश की गई. अब इस घटना की जांच NIA को दे दी गई है. NIA मामले की प्रारंभिक रिपोर्ट सीधे सुप्रीम कोर्ट को सौंपेगी.

इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है. वीडियो में सेना के जवान कुछ लोगों को लाठियों से मारते हुए नजर आ रहे हैं. अब इस वीडियो को शेयर करते हुए कुछ लोग कह रहे हैं कि भारतीय सेना मालदा में पहुंच चुकी है और उपद्रवियों को सबक सिखा रही है.

फेसबुक पर एक व्यक्ति ने लिखा, “पश्चिम बंगाल के मालदा में भारतीय सेना पहुंच चुकी है. बंगाल में जिहादियों को दौड़ा-दौड़ा कर ** रही है सेना. दिल खुश हो गया.”

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो भारत का नहीं, बल्कि बांग्लादेश में आम चुनाव के वक्त हुए बवाल के दौरान का है.

कैसे पता की सच्चाई?  

वायरल वीडियो में बांग्लादेशी न्यूज आउटलेट जमुना टीवी का लोगो देखा जा सकता है. सर्च करने पर हमें ये जमुना टीवी के फेसबुक पेज और यूट्यूब चैनल पर मिल गया. यहां इसे 12 फरवरी को पोस्ट किया गया था. इसके मुताबिक बांग्लादेश के ब्राह्मणबारिया में चुनाव के दौरान मतदान केंद्र पर कब्जा करने की कोशिश की गई, तभी वहां की सेना ने उपद्रवियों पर लाठीचार्ज कर दिया. 

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इसके अलावा Boishakhi Tv News और Dinajpur Tv समेत तमाम बांग्लादेशी न्यूज आउटलेट्स ने इसी जानकारी के साथ ये वीडियो 12 फरवरी को शेयर किया था. सभी आउटलेट्स के मुताबिक ये वीडियो उस वक्त का है, जब ब्राह्मणबारिया में मतदान केंद्र पर बवाल के बाद सेना ने मोर्चा संभाला और लाठीचार्ज शुरू किया.

अगस्त 2024 के छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना को बांग्लादेश छोड़कर भारत मे शरण लेनी पड़ी. 85 साल के मोहम्मद यूनुस ने 18 महीनों तक अंतरिम सरकार चलाई. इसके बाद बांग्लादेश में 12 फरवरी, 2026 को आम चुनाव हुए जिसमें बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) को बंपर जीत मिली. इसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान ने 17 फरवरी, 2026 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली.

साफ है कि वायरल हो रहा वीडियो भारत का नहीं, बल्कि बांग्लादेश में आम चुनाव के वक्त हुए बवाल के दौरान सेना के लाठीचार्ज का है. 

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