
इजरायल-फिलिस्तीन के बीच युद्ध शुरू होने के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने अपने बयान में कहा कि उग्रवादी संगठन हमास फिलिस्तीनियों को मानव ढाल की तरह इस्तेमाल करता है.
अब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है जिसमें एक छोटी बच्ची हथियारों से लैस सिपहियों के आगे बेखौफ होकर फिलिस्तीन का झंडा लहरा रही है.

वीडियो के साथ कहा जा रहा है कि फिलिस्तीन में अब हमास के चरमपंथी बच्चों और महिलाओं को मानव ढाल बनाकर इजरायल की सेना के आगे खड़ा कर रहे हैं.
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ये वीडियो फेसबुक और ट्विटर पर कई लोग शेयर कर चुके हैं. लोग कमेंट में लिख रहे हैं कि ऐसा करके हमास अपनी कायरता का परिचय दे रहा है. वायरल पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
आज तक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो अभी का नहीं बल्कि मार्च 2021 से इंटरनेट पर मौजूद है.
कैसे पता की सच्चाई?
वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें merdeka.com नाम की वेबसाइट पर एक खबर मिली. दो साल पहले छपी इस खबर में वायरल वीडियो के दो फ्रेम्स मौजूद हैं.
खबर में इस वीडियो को वेस्ट बैंक के मसाफर यट्टा इलाके का बताया गया है. ओस्लो समझौते में वेस्ट बैंक को एरिया ए, एरिया बी और एरिया सी में बांट दिया गया था. मसाफर यट्टा, एरिया सी में आता है, जहां फिलिस्तीनियों के कई छोटे-छोटे गांव हैं. लेकिन समझौते के तहत एरिया सी पर इजरायल का नियंत्रण है.
merdeka.com की खबर में वीडियो का श्रेय eye.on.palestine नाम के एक इंस्टाग्राम हैंडल को दिया गया है. खोजने पर हमें ये हैंडल मिल गया, जहां वायरल वीडियो को 17 मार्च 2021 को पोस्ट किया गया था. यहां वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा है कि मसाफर यट्टा इलाके में एक फिलिस्तीनी बच्ची ने इजरायल के जवानों के सामने फिलिस्तीन का झंडा लहराया.
eye.on.palestine ने उस समय ये वीडियो अपने फेसबुक पेज पर भी शेयर किया था और इसका क्रेडिट हिशम अबू शकराह नाम के किसी व्यक्ति को दिया था. eye.on.palestine के वीडियो में भी "Hisham Abu Shaqrah" लिखा देखा जा सकता है.
हमें हिशम अबू शकराह नाम की फेसबुक प्रोफाइल भी मिली. हिशम वेस्ट बैंक के रहने वाले एक फिलिस्तीन फोटोजर्नलिस्ट हैं. वीडियो के संबंध में हमने हिशम से संपर्क भी किया है. अगर उनका जवाब आता है तो उसे खबर में अपडेट कर दिया जाएगा.
यहां ये बात साफ हो जाती है कि वायरल वीडियो अभी चल रहे इजरायल-फिलीस्तीन जंग का नहीं बल्कि दो साल से ज्यादा पुराना है. हालांकि यहां हम इस बात की पुष्टि नहीं करते कि इस जंग के दौरान मानव ढाल बनाने का कोई मामला सामने आया है या नहीं.