
महज कुछ सेकंड्स, और एक फ्लाईओवर देखते-ही-देखते जमींदोज हो जाता है. सोशल मीडिया पर ऐसा ही एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है. वीडियो में एक फ्लाईओवर और उसके नीचे एक सड़क नजर आ रही है. सड़क पर वाहन चलते हुए भी दिखाई दे रहे हैं. इसी दौरान फ्लाईओवर का एक हिस्सा भरभराकर नीचे गिर जाता है और कुछ वाहन भी इसकी चपेट में आते देखे जा सकते हैं.
वीडियो को शेयर करते हुए कुछ लोग सरकार की जमकर आलोचना कर रहे हैं. एक्स पर एक व्यक्ति ने लिखा, “विकसित हो रहे भारत का एक और बड़ा कारनामा! यह केवल एक ब्रीज खोखला नही है. यह हमारी उम्मीद है जो ऐसे कामों के बाद दिन प्रतिदिन खोखली होती जा रही है.”
कमेंट में एक यूजर ने लिखा, “जब तक देश में कमीशन खोरी चलती रहेगी, ऐसा ही विकास होता रहेगा. अब क्या ही कहें इनके बारे में.”

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये किसी असल घटना का वीडियो नहीं है. इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानि AI के जरिए बनाया गया है.
कैसे पता की सच्चाई?
वायरल पोस्ट पर कमेंट करते हुए कुछ लोगों ने ग्रोक से इस वीडियो की सच्चाई के बारे में पूछा. ग्रोक, एलन मस्क की कंपनी xAI का एक AI चैटबॉट है. ग्रोक ने एक व्यक्ति को बताया कि ये 2016 में कोलकाता के विवेकानंद फ्लाईओवर ढह जाने का वीडियो है. वहीं एक अन्य व्यक्ति को इसने बताया कि ये वीडियो 2018 में यूपी के वाराणसी में हुई घटना है. यानी साफ है कि ग्रोक के जवाब पर भरोसा नहीं किया जा सकता क्योंकि ये एक ही वीडियो पर दो अलग-अलग जवाब दे रहा है.
कोलकाता के गिरीश पार्क एरिया में 31 मार्च, 2016 को निर्माणाधीन विवेकानंद रोड फ्लाईओवर का एक हिस्सा गिर गया था. ये एक बड़ा हादसा था जिसमें 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी. वहीं यूपी के वाराणसी में 15 मई, 2018 को एक निर्माणाधीन पुल का हिस्सा ढह गया था जिसमें 18 लोगों की मौत हो गई थी. दोनों हादसों की तस्वीरें और वीडियो यहां और यहां देखे जा सकते हैं. इस वक्त शेयर किया जा रहा वीडियो इन दोनों हादसों का नहीं है.
वायरल हो रहे वीडियो को गौर से देखने पर इसमें कुछ गड़बड़ियां नजर आती हैं. मिसाल के तौर पर इसकी ऑडियो बनावटी-सी लगती है. इसके अलावा वीडियो में एक टेम्पो नजर आता है जिस पर ऐसे अटपटे-से टेक्स्ट लिखें हैं जिन्हें पढ़ा नहीं जा सकता है. सबसे बड़ी बात, फ्लाईओवर गिरने के बाद, वीडियो के आखिर में वो जस-का-तस बना हुआ नजर आ रहा है, जैसे गिरा ही न हो.

वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें ये ‘sphereofai’ नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर मिला. यहां इसे 9 फरवरी को पोस्ट किया गया था. वीडियो के साथ AI लेबल लगाया गया है. ये लेबल तब लगाया जाता है जब यहां कोई AI वीडियो पोस्ट किया जाता है. इसके अलावा डिस्क्रिप्शन में भी ‘AI Creator’ और ‘AI Generated’ जैसे हैशटैग्स का इस्तेमाल किया गया है

अकाउंट के बारे में मौजूद जानकारी के मुताबिक वो एक AI क्रियेटर हैं. इनके चैनल पर AI से बने ढेरों वीडियो मौजूद हैं.
इसके बाद हमने वीडियो को AI डिटेक्टर टूल की मदद से टेस्ट किया. Hive Moderation टूल ने भी इस वीडियो के AI से बने होने की 99 फीसदी संभावना बताई.

कुल-मिलाकर साफ है कि फ्लाईओवर ढह जाने के जिस वीडियो को शेयर करते हुए लोग सरकार की आलोचना कर रहे हैं, वो वीडियो असली ही नहीं है.
बीते शनिवार यानी 14 फरवरी को मुंबई के मुंबई के मुलुंड इलाके में एक निर्माणाधीन मेट्रो पुल का एक हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया था. इसकी चपेट में एक ऑटो समेत कुछ गाड़ियां आ गईं. हादसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई, और 3 से 4 लोग घायल हो गए.