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फैक्ट चेक: किडनैपिंग का ये वीडियो न तो केरल का है और न ही इसमें कोई सांप्रदायिक एंगल है

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. इस वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि केरल का वीडियो है जिसमें किडनैपिंग का है. लेकि आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये घटना कर्नाटक के कोलार शहर की है.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
ये केरल में मुस्लिम युवक के द्वारा एक हिंदू लड़की के अपहरण का वीडियो है.
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
ये तीन साल पुरानी कर्नाटक की घटना है. इसमें शामिल अपहरणकर्ता लड़का मुस्लिम नहीं बल्कि हिंदू था.

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें देखा जा सकता है कि दो लड़कियां सड़क पर चल रही हैं. अचानक उनके पास एक कार आकर रुकती है. इसमें से एक युवक बाहर निकलता है और एक लड़की को जबरन कार में बैठा कर ले जाता है.

अब इस वीडियो को शेयर कर इसे सांप्रदायिक रंग दिया जा रहा है और कहा जा रहा है कि एक हिंदू लड़की को मुस्लिम लड़के ने किडनैप कर लिया. इस घटना को केरल का बताया जा रहा है. वीडियो को शेयर कर एक इंस्टाग्राम यूजर ने लिखा, “केरल जिहादी मानसिकता शुरू सब जगह इन लोगों का एक ही एजेंडा है, हिंदू लड़कियों को अगवा करना खुलेआम.”

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये घटना केरल की नहीं बल्कि कर्नाटक के कोलार शहर की है और तीन साल पुरानी है. लड़की का अपहरण करने वाला लड़का मुस्लिम नहीं, हिंदू था.

कैसे पता लगाई सच्चाई?

हमने वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च की मदद से खोजने की कोशिश की तो हमें ये वीडियो मिरर नाउ” के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर 16 अगस्त 2020 को अपलोड किया हुआ मिला. वीडियो रिपोर्ट में दी गई जानकारी के मुताबिक, दिन-दिहाड़े लड़की के अपहरण की ये घटना कर्नाटक के कोलार जिले की है. दरअसल, लड़की ने अपहरणकर्ता लड़के के शादी के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था जिसके बाद लड़के ने इस घटना को अंजाम दिया.

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इस जानकारी की मदद से हमने थोड़ी और खोजबीन की तो हमें वायरल वीडियो से जुड़े स्क्रीनशॉट्स अगस्त, 2020 में छपी कई मीडिया रिपोर्ट्स में मिले. “द न्यूज मिनट” में छपी खबर के मुताबिक, ये घटना 13 अगस्त, 2020 को हुई थी. लड़की के अपहरण में तीन लड़के- शिवशंकर, बालाजी और दीपक शामिल थे.

खबर में बताया गया है कि कथित तौर पर शिवशंकर नाम के लड़के ने ये साजिश रची थी क्योंकि लड़की ने उसका शादी का प्रस्ताव ठुकरा दिया था. अपहरणकर्ता, लड़की को अगवा कर कर्नाटक के तुमकुर शहर ले गए. तब इस घटना के वक्त वहां मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचित किया था.

हालांकि, अपहरण की घटना के अगले ही दिन पुलिस ने अपहरणकर्ता लड़कों का पता लगा लिया था और लड़की को बचाने में कामयाब रहे थे. लेकिन घटना में शामिल लड़के, पुलिस की गिरफ्त में आने से पहले ही भाग गए. साल 2020 में इस वीडियो को उत्तर प्रदेश का बताया जा रहा था. उस समय भी आजतक ने इसकी  सच्चाई बताई थी.

साफ है, कर्नाटक के तीन साल से ज्यादा पुराने वीडियो को केरल का बताकर शेयर किया जा रहा है. 

(रिपोर्ट - आशीष कुमार)

 

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