
इंडियन एयरफोर्स मार्शल रहे अर्जन सिंह को भारत की मिलिट्री हिस्ट्री में एक अहम स्थान हासिल है. उनके साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक तस्वीर इस वक्त सोशल मीडिया पर . इस तस्वीर में अर्जन सिंह कुर्सी पर बैठे हुए हैं, एक अधिकारी उन्हें चाय या कॉफी का कप दे रहे हैं. वहीं उनके बगल में पीएम मोदी झुककर उनका अभिवादन कर रहे हैं.
इस तस्वीर को पोस्ट करते हुए ये कहा जा रहा है कि 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में इंडियन एयरफोर्स की अगुआई करने वाले इकलौते जीवित अधिकारी अर्जन सिंह का पीएम मोदी अपने हाथों से चाय परोसकर अभिवादन कर रहे हैं और ऐसा करने वाले वो देश के पहले पीएम हैं.
एक ने इस तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा, “भारत के इतिहास मे पहले माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने फील्ड मार्शल अर्जुन सिंह जी को खुद अपने हाथों से चाय परोसा और पांव छूकर उनका आशीर्वाद लिया पाकिस्तान के साथ 1965 की लड़ाई मे वायु सेना का नेतृत्व करने वाले इकलौते जीवित मार्शल है!”
इस पोस्ट का यहां देखा जा सकता है.

इंडिया टुडे फैक्ट चेक ने पाया ये तस्वीर हाल फिलहाल की नहीं बल्कि साल 2016 की है. मार्शल अर्जन सिंह अब जीवित नहीं हैं. उनका देहांत साल 2017 में हो गया था.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
रिवर्स सर्च करने पर ये तस्वीर हमें ट्विटर पर मिली. समाचार एजेंसी ‘ ANI’ ने साल 2016 में इसे ट्वीट किया था. ये तस्वीर उस साल रिपब्लिक डे के मौके पर राष्ट्रपति भवन के ‘एट होम’ फंक्शन के दौरान ली गई थी.
PM Modi meets 1965 war veteran Air Chief Marshal Arjan Singh at 'At Home' function at Rashtrapati Bhavan.
— ANI (@ANI)
इस फंक्शन के अगले ही साल यानी 16 सितंबर, 2017 को 98 साल की उम्र में अर्जन सिंह का . खुद पीएम मोदी ने ट्वीट करके उनके निधन पर शोक जताया था.
My thoughts are with his family & those mourning the demise of a distinguished air warrior & fine human, Marshal of the IAF Arjan Singh. RIP
— Narendra Modi (@narendramodi)
साफ है, 2016 की तस्वीर को हाल-फिलहाल की तस्वीर बताकर भ्रम फैलाया जा रहा है.
15 अप्रैल, 1919 में पंजाब के लायलपुर (अब पाकिस्तान) में जन्मे अर्जन सिंह भारतीय एयरफोर्स के इकलौते फाइव स्टार ऑफिसर बने. उन्होंने साल 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान भारतीय एयरफोर्स की अगुआई की थी और इस जंग में भारत का पलड़ा भारी रहने में अहम भूमिका निभाई थी. इस जंग में उनके इस योगदान के मद्देनजर उन्हें उसी साल यानी 1965 में ही देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था.
IAF : In Nov 1965, Air Chief Marshal (Later Marshal of the Indian Air Force) Arjan Singh became the first Air-warrior of Indian Air Force to receive the Padma Vibhushan. He was awarded the Padma Vibhushan by the then President of India Shri Sarvepalli Radhakrishnan.
— Indian Air Force (@IAF_MCC)
साल 2002 मे इंडियन एयरफोर्स ने उन्हें मार्शल की रैंक से सम्मानित किया. ऐसा रुतबा हासिल करने वाले वो एयरफोर्स के अभी तक के अकेले अधिकारी हैं. ये रैंक इंडियन आर्मी में फाइव स्टार फील्ड मार्शल के समकक्ष होती है.