लद्दाख की गलवान घाटी में सोमवार को चीनी सैनिकों के साथ हुए खूनी संघर्ष में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए. इस संघर्ष में चीनी सैनिकों की भी जान गई है, लेकिन इन खबरों के बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है.
इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें कुछ भारतीय जवानों को रोते हुए देखा जा सकता है, जबकि कुछ अन्य उन्हें सांत्वना देते हुए दिख रहे हैं. सोशल मीडिया यूजर्स इस वीडियो के साथ दावा कर रहे हैं कि चीनी सैनिकों के साथ झड़प के बाद भारतीय सैनिक टूट गए और रो पड़े.
एक पाकिस्तानी ट्विटर हैंडल “@HinaRKharal ” ने 37 सेकेंड का एक वीडियो लद्दाख में चीन और भारत के सैनिकों के बीच हुई झड़प से जोड़ते हुए ट्वीट किया. इस वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा, “भारतीय सैनिकों का फेस ऑफ' #GalvanValley #IndianArmy #LadakhBorder #ChinaIndiaFaceoff”.
Indian soldiers face off' 🥺#GalvanValley #IndianArmy#LadakhBorder #ChinaIndiaFaceoff pic.twitter.com/nprdKAiUKx
— حناء💥 (@HinaRKharal) June 16, 2020
इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है. यह वीडियो एक साल पुराना है और कश्मीर का है, जब आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में अपने कुछ साथियों को खोने के बाद सीआरपीएफ के कुछ जवान भावुक हो गए थे.
इस वीडियो को कुछ फेसबुक यूजर्स ने भी शेयर किया है. कीवर्ड्स सर्च की मदद से हमने पाया कि यह वीडियो पिछले साल मार्च में हंदवाड़ा में हुई मुठभेड़ के बाद शूट किया गया था. वायरल वीडियो में ट्विटर हैंडल “@rifatabdullah” का स्टांप दिख रहा है. हमने पाया कि रिफत अब्दुल्लाह कश्मीरी पत्रकार हैं और उन्होंने यह वीडियो 2 मार्च, 2019 को ट्वीट किया था.
रिफत ने वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन दिया था, “सीआरपीएफ के जवान एक वाहन में अपने सहयोगियों के शव रखे जाने के बाद रो पड़े. कल लंगेट हंदवाड़ा में एक मुठभेड़ में सीआरपीएफ के दो जवान और जम्मू कश्मीर पुलिस के दो जवान मारे गए थे. ये कश्मीर में अब रोज की कहानी है. आखिर कब तक”.CRPF men broke down after bodies of their colleagues were put in a Vehicle. Two CRPF men and two J&K Police men were killed in an Encounter in Langate Handwara yesterday. Ye Kashmir main ab roaz ki kahani hay. Aakhir kab tak pic.twitter.com/ymCgE2xzCs
— Rifat Abdullah رفعت عبداللہ (@rifatabdullahh) March 2, 2019
न्यूज चैनल “TV9 Kannada” ने भी यह वीडियो पिछले साल मार्च में इसी सूचना के साथ इस्तेमाल किया था. इस ऑपरेशन में सीआरपीएफ के तीन और जम्मू-कश्मीर पुलिस के दो जवानों सहित पांच सुरक्षाकर्मी शहीद हुए थे. 56 घंटे तक चली इस मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए थे और एक नागरिक को भी जान गंवानी पड़ी थी.
पड़ताल से साफ है कि वायरल वीडियो लद्दाख में चीन और भारतीय जवानों के बीच हुए संघर्ष का नहीं है. यह कश्मीर का करीब एक साल पुराना वीडियो है.