scorecardresearch
 

फैक्ट चेक: एमेजॉन-फ्लिपकार्ट के जरिये इलेक्ट्रॉनिक सामान लौटाने या बदलने पर पूरी तरह पाबंदी नहीं है

कई सोशल मीडिया यूजर्स दावा कर रहे हैं कि अब एमेजॉन और फ्लिपकार्ट से मंगवाया गया इलेक्ट्रॉनिक सामान वापस नहीं होगा. न ही बदला जाएगा. इनकी मानें तो अब इन ई-कॉमर्स कंपनियों की नई पॉलिसी लागू होने के चलते इलेक्ट्रॉनिक सामान को बदलने या वापस करने के लिए ग्राहकों को उत्पाद बनाने वाली कंपनियों के सर्विस सेंटर पर जाना होगा. आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि वायरल वीडियो में कही जा रही बात भ्रामक है.

Advertisement

आजतक फैक्ट चेक

दावा
अब एमेजॉन और फ्लिपकार्ट जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिये मंगवाए गए किसी भी इलेक्ट्रॉनिक सामान को वापस करना या बदलना संभव नहीं होगा.
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
कुछ विशेष श्रेणियों और ब्रांड्स के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के अलावा बाकी को एमेजॉन और फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स साइट्स के जरिये बदला या लौटाया जा सकता है.

कई कर रहे हैं कि अब एमेजॉन और फ्लिपकार्ट से मंगवाया गया इलेक्ट्रॉनिक सामान वापस नहीं होगा. न ही बदला जाएगा. अब इन ई-कॉमर्स कंपनियों की नई पॉलिसी लागू होने के चलते इलेक्ट्रॉनिक सामान को बदलने या वापस करने के लिए ग्राहकों को उत्पाद बनाने वाली कंपनियों के सर्विस सेंटर पर जाना होगा. ऐसा ही एक वायरल वीडियो नीचे देखा जा सकता है.

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि वायरल वीडियो में कही जा रही बात भ्रामक है.

इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की कुछ श्रेणियों और ब्रांड्स को छोड़कर बाकी सभी उपकरणों को सीधा एमेजॉन और फ्लिपकार्ट के जरिये बदला या वापस किया जा सकता है.

कैसे पता लगाई सच्चाई?

हमने एमेजॉन, और फ्लिपकार्ट की रिटर्न/रिप्लेसमेंट पॉलिसी और इन वेबसाइट्स पर लिस्टेड इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्टस के साथ दी गई शर्तों को देखा.  

हमें इन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर ऐसे जिन्हें इन्हीं प्लेटफॉर्म्स के जरिये ही . हालांकि, इसकी अवधि उत्पाद-दर-उत्पाद अलग-अलग होती है.

 

इन सभी प्लेटफॉर्म्स पर उत्पादों के साथ बताया गया है कि उन्हें रिटर्न या रिप्लेस किया जा सकता है या नहीं.

 

इन प्लेटफॉर्म्स के पर उत्पादों को अलग-अलग गया है. कुछ एक अपवादों और कुछ विशेष कंपनियों के उत्पादों को छोड़कर, बाकी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को ई-कॉमर्स वेबसाइट के जरिये ही रिटर्न या रिप्लेस किया जा सकता है.

Advertisement

इनमें से कुछ अपवादों की और देख सकते हैं.

अपने घाटे को कम करने के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स अपनी उत्पादों का रिटर्न और एक्सचेंज बढ़ रहे हैं. अगर कंपनियों को लगता है कि कोई उपभोक्ता ज्यादा रिटर्न ऑर्डर प्लेस करता है तो उसका खाता या तो सस्पेंड कर दिया जाता है या फिर उनसे अतितिक्त शुल्क वसूला जाता है. कई कंपनियों ने अपनी रिटर्न अवधि को 30 दिन से घटाकर 14 दिन कर दिया है. कंपनियां हर साल अपने लॉजिस्टिक्स खर्च को कम करने की कोशिश कर रही हैं. लेकिन अभी तक प्लेटफॉर्म्स ने सभी इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्टस के रिटर्न पर इस तरह का ब्लैंकेट बैन नहीं लगाया है. 

---- समाप्त ----

क्या आपको लगता है कोई मैसैज झूठा ?
सच जानने के लिए उसे हमारे नंबर 73 7000 7000 पर भेजें.
आप हमें factcheck@intoday.com पर ईमेल भी कर सकते हैं
Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement