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फैक्ट चेक: बिहार में टीचर्स का टेस्ट लेने पहुंचे पत्रकार को उल्टा देना पड़ गया टेस्ट? ये वीडियो स्क्रिप्टेड है

अक्सर ऐसे वीडियो सामने आते रहते हैं जिनमें कोई पत्रकार किसी टीचर से सवाल पूछता है, और टीचर या तो जवाब नहीं दे पाते या गलत जवाब देते हैं. लेकिन इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें टीचर ही जर्नलिस्ट से सवाल पूछते लगती हैं. यह वीडियो बिहार का बताया जा रहा है.

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इन दिनों ये वीडियो जमकर वायरल हो रहा है इन दिनों ये वीडियो जमकर वायरल हो रहा है

ऐसे वीडियो कई बार सामने आ चुके हैं, जिनमें किसी पत्रकार ने स्कूल के टीचर्स से सवाल पूछे और वो जवाब नहीं दे पाए. या गलत जवाब दे दिया. लेकिन अब एक ऐसा वीडियो वायरल हो गया है जिसमें किसी स्कूल में टीचरों से सवाल पूछने गए पत्रकारों से उल्टा वहां के टीचर ही सवाल करने लगे और उन्हें शर्मिंदा होना पड़ा.

इसे शेयर करते हुए कहा जा रहा है कि ये बिहार का वाकया है जहां एक सरकारी स्कूल के टीचरों ने पत्रकारों को सबक सिखा दिया. आरोप है कि टीचरों ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि ये पत्रकार बिहार के टीचरों को बदनाम करने की कोशिश कर रहे थे.  

इस वीडियो में माइक पकड़े हुए एक काली शर्ट वाला शख्स टीचर से कहता है, “मैं पत्रकार हूं, एक क्वेश्चन आपसे पूछूंगा.” इस पर टीचर कहती हैं, “नहीं, मेरे पहले कुछ सवालों का जवाब दे दीजिये, उसके बाद आप जो पूछेंगे मैं बताऊंगी. ये बताइये कि खाद्य संसाधन क्या होता है?” फिर कहती हैं, “हम टीचर हैं, अपनी जिम्मेदारी बखूबी जानते हैं. लेकिन इस तरह से कभी भी अननेसेसरी आप लोग आकर के डिस्टर्ब करते हैं, ये अच्छा नहीं लगता है सर.”

इसके बाद गुलाबी शर्ट वाला शख्स एक अन्य टीचर से पूछता है, “बिहार के शिक्षा मंत्री का सचिव कौन है?” ये सुनकर टीचर गुस्से से लाल हो जाती हैं और कहती हैं, “आप कौन होते हैं मुझसे सवाल करने वाले?” फिर बोलती है, “मैं भी आपका टेस्ट लूंगी और ये बताइये कि आपने पत्रकारिता की डिग्री कहां से ली है.”

गुलाबी शर्ट वाला शख्स एक और टीचर से सवाल पूछने की कोशिश करता है लेकिन वो भी इस पर नाराजगी जताती हैं. फिर पूछती हैं, “भारत के रेल मंत्री का नाम बताइये.” गुलाबी शर्ट वाला युवक इस सवाल के जवाब में चुप्पी साधे रहता है. देखने में ऐसा लगता है कि उसे इसका जवाब पता नहीं है.

एक फेसबुक यूजर ने ये वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, “पत्रकारों की इतनी मिट्टी खराब पहले कभी नहीं हुई. सरकारी विद्यालय की शिक्षिका ने बिहार को बदनाम करने वाले दो टकिए पतलकार अच्छा सबक सिखाया.”

इंडिया टुडे की फैक्ट चेक टीम ने पाया कि ये वीडियो किसी असली वाकये का नहीं है. ये एक तरह का प्रैंक था और इसमें टीचर्स से सवाल पूछ रहे लोग एक्टिंग कर रहे थे.

असली वीडियो का एक छोटा-सा हिस्सा क्रॉप करके शेयर किया जा रहा है जिस वजह से पूरी बात स्पष्ट नहीं हो पा रही है.  

कैसे पता लगाई सच्चाई?

कीवर्ड सर्च के जरिये तलाशने पर हमें ‘फाइनल पोस्ट’ यूट्यूब चैनल पर इस वीडियो का लंबा वर्जन मिला. इस वर्जन में सवाल-जवाब के बाद ‘फाइनल पोस्ट’ के एडिटर-इन-चीफ शशि शेखर दर्शकों से रूबरू होते हैं. वो बताते हैं कि वीडियो में सवाल पूछ रहे लोग एक्टिंग कर रहे थे. अंत में वो वीडियो में दिख रही टीचर्स और उनसे सवाल पूछने वाले युवको से बात करते हैं.

वो कहते हैं, “इस वक्त हम बिहार के एक और स्कूल में हैं. ये हमारे साथी गोल्डन, अनिकेत और व्योम- इन लोगों ने जो कमाल की एक्टिंग की है, वो काबिलेतारीफ है. और मैडम, आप लोगों का भी बहुत-बहुत धन्यवाद. कि आप लोगों ने भी बड़ा सहयोग किया.”

लेकिन, वायरल हो रहे वीडियो में से ये वाला हिस्सा काटकर हटा दिया गया है, जिसकी वजह से कई सारे लोगों को लग रहा है कि ये एक असली घटना है.
 

 

हमने इस बारे में और जानकारी पाने के लिए शशि शेखर को कॉल किया. उन्होंने बताया कि ये वीडियो उनकी टीम ने 21 सितंबर को ईस्ट चंपारण, बिहार के ‘राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय सिहुलिया, रामगढ़वा’ में बनाया था.  


वीडियो में दिख रहे काली शर्ट वाले शख्स का नाम व्योम कुमार और गुलाबी शर्ट वाले युवक का नाम अनिकेत कुमार है. ये दोनों ही ‘फाइनल पोस्ट’ यूट्यूब चैनल के लिए काम करते हैं.  

शशि शेखर कहते हैं, “अकसर पत्रकार स्कूलों में जाकर टीचर्स से बच्चों के सामने माइक पर सवाल करते हैं और टीचर अगर न बता पाएं या गलत बता दें, तो उनका मजाक उड़ाते हैं. उन्हें जलील करते हैं. ऐसे में टीचर्स की क्या गरिमा रह जाती है? ये प्रक्रिया बंद होनी चाहिए. इसी मकसद से हमने एक सीरीज चलाई थी जिसका एक वीडियो लोग क्रॉप करके शेयर कर रहे हैं.”  

इंडिया टीवी ने साल 2013 में एक ऐसी ही रिपोर्ट दिखाई थी जिसकी हेडलाइन थी, “मास्टरजी फेल हो गए.” इस रिपोर्ट में चैनल के कुछ पत्रकार यूपी और बिहार के स्कूलों में गए थे और वहां उन्होंने टीचरों से अलग-अलग विषयों के सवाल किए थे. जवाब न दे पाने वाले या गलत जवाब देने वाले टीचर्स को इस रिपोर्ट में दिखाया गया था. साथ ही शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाया गया था. टीचर्स से पत्रकार के सवाल-जवाब वाली एक और न्यूज रिपोर्ट यहां देखी जा सकती है.

कुल मिलाकर बात साफ है कि कुछ स्कूली टीचरों के पत्रकारों को सबक सिखाने वाले एक स्क्रिप्टेड वीडियो को लोग असली घटना का वीडियो समझ रहे हैं.
 

फैक्ट चेक

सोशल मीडिया यूजर्स

दावा

ये वीडियो एक सरकारी स्कूल का है जहां की टीचर्स ने पत्रकारों को सबक सिखाया.

निष्कर्ष

ये एक स्क्रिप्टेड वीडियो है जिसकी शूटिंग ईस्ट चंपारण, बिहार में हुई थी.

झूठ बोले कौआ काटे

जितने कौवे उतनी बड़ी झूठ

  • कौआ: आधा सच
  • कौवे: ज्यादातर झूठ
  • कौवे: पूरी तरह गलत
सोशल मीडिया यूजर्स
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