
क्या कांग्रेस नेताओं ने 5 अगस्त, 2020 को अयोध्या में हुए राम मंदिर के शिलान्यास का काले कपड़े पहनकर विरोध किया था? सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक तस्वीर के साथ कुछ ऐसा ही दावा किया जा रहा है. कहा जा रहा है कि 5 अगस्त, 2020 को कांग्रेस के सांसद काले कपड़े पहनकर संसद भवन पहुंचे थे और उन्होंने राम मंदिर के शिलान्यास का विरोध किया था.

वायरल फोटो में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ के साथ कुछ अन्य लोगों को पुराने संसद भवन के बाहर देखा जा सकता है. सभी ने काले कपड़े पहन रखे हैं.
वायरल फोटो के साथ कैप्शन में लिखा है, "कभी भूलें नहीं 5 अगस्त 2020 को जब श्री राम जन्मभूमि का शिलान्यास हो रहा था उस दिन कांग्रेस के सांसद काले कपड़े पहनकर संसद में गए थे इन सबको जेल के कपड़े पहनाने है". यह तस्वीर इस दावे के साथ फेसबुक पर सैकड़ों लोग शेयर कर चुके हैं. वायरल पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
आज तक फैक्ट चेक ने पाया कि कि यह फोटो 5 अगस्त, 2022 की है, न कि 5 अगस्त, 2020 की. इस दिन कांग्रेस नेताओं ने काले कपड़े पहनकर महंगाई, बेरोजगारी और जीएसटी दरों में बढ़ोत्तरी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
वायरल फोटो को रिवर्स सर्च करने पर हमें यह मीडिया संस्थान 'आउटलुक' की फोटो गैलरी में मिली. 5 अगस्त, 2022 की इस फोटो गैलरी में बताया गया है कि राहुल गांधी सहित कई कांग्रेस सांसदों ने काले कपड़े पहनकर राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकाला था.
ये सभी नेता महंगाई, बेरोजगारी और जीएसटी दरों को लेकर मोदी सरकार का विरोध कर रहे थे. इस बारे में और भी कई संस्थाओं ने खबरें छापी थी. 'द टेलीग्राफ' की खबर में बताया गया है कि दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकालने से रोका था और हिरासत में ले लिया था.
इस प्रदर्शन में राहुल गांधी के साथ वरिष्ठ कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल, अधीर रंजन चौधरी, गौरव गोगोई सहित 64 सांसद थे. कांग्रेस पार्टी ने खुद भी इस विरोध प्रदर्शन के वीडियो ट्विटर पर साझा किए थे.
हालांकि, प्रदर्शन को लेकर गृहमंत्री अमित शाह ने उस समय यह जरूर कहा था कि राम मंदिर के शिलान्यास की सालगिरह पर कांग्रेस नेता काले कपड़े पहनकर तुष्टीकरण की राजनीति कर रहे हैं.
इसके अलावा कांग्रेस ने 5 अगस्त, 2020 को राम मंदिर के शिलान्यास का स्वागत किया था और शुभकामनाएं दी थीं. इसे लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस के आधिकारिक हैंडल से ट्वीट भी किए गए थे.
(Fact Check By- श्रीजिषा लैला, तिरुवनंतपुरम)