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फैक्ट चेक: सचिन तेंदुलकर के नाम पर ऐसा बयान वायरल जो उन्होंने कभी दिया ही नहीं

चुनाव आने पर अक्सर देखा जाता है कि राजनीतिक दल नामचीन हस्तियों का इस्तेमाल वोटरों को लुभाने के लिए करते हैं. लेकिन क्या 'मास्टर ब्लास्टर' सचिन तेंदुलकर ने ऐसा कहा कि कांग्रेस की तरफ से दबाव दिया जाए तो भी वे नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ेंगे? सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही पोस्ट में ऐसा ही दावा किया जा रहा है.

सचिन तेंदुलकर (फाइल-PTI) सचिन तेंदुलकर (फाइल-PTI)

चुनाव आने पर अक्सर देखा जाता है कि राजनीतिक दल नामचीन हस्तियों का इस्तेमाल वोटरों को लुभाने के लिए करते हैं. लेकिन क्या 'मास्टर ब्लास्टर' सचिन तेंदुलकर ने ऐसा कहा कि कांग्रेस की तरफ से दबाव दिया जाए तो भी वे नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ेंगे? सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही पोस्ट में ऐसा ही दावा किया जा रहा है.

इंडिया टुडे फैक्ट चेक ने पाया कि ये पोस्ट पूरी तरह झूठी है.

तेंदुलकर के बयान का दावा करते हुए ये पोस्ट फेसबुक पेज 'सोशल तमाशा' पर शेयर की गई है. इसी पोस्ट को पिछले साल जुलाई में 'जय मोदीराज' फेसबुक पेज पर भी शेयर किया गया था. इन दोनों पोस्ट को 6,500 से ज्यादा शेयर मिल चुके हैं. दोनों पेजों के मिलाकर 19 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं.

पोस्ट में सचिन तेंदुलकर के नाम से ये बयान दिए जाने का दावा किया गया, 'कांग्रेस मेरे ऊपर चाहे कितना ही दवाब बनाए, लेकिन मैं नरेंद्र मोदी जी के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ूंगा. कांग्रेस के लिए चुनाव प्रचार करने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता.'

कुछ यूजर्स तेंदुलकर के इस फैसले की प्रशंसा करते हुए उन्हें 'सच्चा राष्ट्रवादी' बता रहे हैं.

हमें कहीं कोई ऐसी मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली जिसमें तेंदुलकर के ऐसे किसी बयान का जिक्र हो. तेंदुलकर के करीबी लोगों ने नाम नहीं बताने की शर्त पर बताया कि दिग्गज क्रिकेटर ने कभी ऐसा बयान नहीं दिया.

तेंदुलकर देश के पहले ऐसे क्रिकेटर रहे जिन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सक्रिय रहने के दौरान ही पूर्ववर्ती यूपीए सरकार ने राज्यसभा के लिए मनोनीत किया. टाइम्स ऑफ इंडिया की 2014 की रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस ने वाराणसी से नरेंद्र मोदी के खिलाफ तेंदुलकर को चुनाव लड़ाने की कोशिश की थी, लेकिन वो इसके लिए तैयार नहीं हुए.

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