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फैक्ट चेक: सोशल मीडिया पर नई बताकर शेयर की जा रही हैं कुंभ की पुरानी तस्वीरें

कुंभ की खास पहचान होती है इसका रंग, मिज़ाज और लोगों का सैलाब. ये हर कुंभ में देखने को मिलते हैं. दुनिया के सबसे बड़े मेले से तरह तरह की कहानियां और तस्वीरें देश-विदेश के कोने-कोने में जाती हैं. इनका माध्यम मेनस्ट्रीम मीडिया और सोशल मीडिया दोनों ही बनते हैं.

कुंभ मेले में वायरल हुई यह पुरानी तस्वीर कुंभ मेले में वायरल हुई यह पुरानी तस्वीर

कुंभ की खास पहचान होती है इसका रंग, मिज़ाज और लोगों का सैलाब. ये हर कुंभ में देखने को मिलते हैं. दुनिया के सबसे बड़े मेले से तरह तरह की कहानियां और तस्वीरें देश-विदेश के कोने-कोने में जाती हैं. इनका माध्यम मेनस्ट्रीम मीडिया और सोशल मीडिया दोनों ही बनते हैं.

हेशटैग #KumbhMela से ट्विटर यूजर @KrrishYadhu  ने प्रयागराज में चल रहे कुंभ की तस्वीरों का एक कोलाज पोस्ट किया जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इस पोस्ट में विदेशियों की तीन तस्वीरें हैं जिसमें वे परंपरागत भारतीय परिधानों में हिन्दू रीति-रिवाजों को पूरा करते नजर आ रहे हैं. पोस्ट में तस्वीरों के साथ लिखा गया है- 'प्रिय मिशनरियों, यहां देखो...हमने लोगों को जबरन धर्म परिवर्तन के लिए कोई किताब या पैसा नहीं दिया...हिन्दुत्व आपकी कल्पना से बाहर है...#KumbhMela.'

इंडिया टुडे फैक्ट चेक ने पाया कि ये तस्वीरें इलाहाबाद (अब प्रयागराज) में 2013 में हुए कुंभ की हैं. इन तस्वीरों को वर्तमान में चल रहे कुंभ की मान कर सैकड़ों लोग इस पोस्ट को फेसबुक पर शेयर कर चुके हैं. इसी पोस्ट को फेसबुक पेज 'India Against Presstitutes' ने भी शेयर किया है जिसके पांच लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं.

एक यूजर शिव प्रकाश ने अपने कमेंट में जिक्र किया कि ये तस्वीरें पुरानी हैं. लेकिन ये कई इंटरनेट यूजर्स को नागवार गुजरा और उन्होंने शिव प्रकाश को ट्रोल करना शुरू कर दिया.

हमने Yandex और TinEye  जैसे वैरीफिकेशन टूल्स की मदद से सर्च की तो पाया कि ये तीनों तस्वीरें 2013 कुंभ मेले की हैं, जिन्हें अलग-अलग फोटोग्राफरों ने अलग-अलग लोकेशन पर लिया. बीते 5 साल में इन तस्वीरों को कई बार विभिन्न वेबसाइटों पर इस्तेमाल किया जा चुका है.

पहली वायरल तस्वीर में महिलाओं को सिर पर मिट्टी के कलश रखे हुए देखा जा सकता है.

   

रिवर्स इमेज सर्च और वेबैक मशीन के जरिए हम आर्काइव की हुई इस तस्वीर तक पहुंचे. 24 मार्च 2013 की इस तस्वीर को वेबसाइट WeTellYouHow और ब्लॉग पेज Wake up Bharat ने भी इस्तेमाल किया है.  

दूसरी तस्वीर में एक विदेशी महिला को अन्य महिलाओं के साथ भगवा वस्त्र पहने देखा जा सकता है. हमने इस तस्वीर को वेबसाइट lightrocket.com की फोटो गैलरी में देखा. इस तस्वीर पर पत्रकार शुभेन्दु सरकार का वाटरमार्क देखा जा सकता है. डिटेल्स सेक्शन में ये भी लिखा था कि इस तस्वीर को इलाहाबाद में 10 फरवरी 2013 को लिया गया. सरकार ने साथ लिखा- ‘यूरोप मूल की पवित्र महिलाएं गंगा और यमुना नदियों के संगम में पवित्र डुबकी लगाने के बाद जुलूस में हिस्सा लेते हुए.’

गेटी इमेजेस ने अपनी फोटो गैलरी में शुभेन्दु सरकार की इसी तस्वीर का इस्तेमाल किया है.

रिवर्स सर्च इमेज के जरिए हमने पाया कि तीसरी तस्वीर भी 2013 के कुंभ मेले की है. न्यूज पोर्टल Post.jagran.com ने उस समय अपने लेखों में से एक में इस तस्वीर का इस्तेमाल किया था.

इंडिया टुडे ने इस तरह पाया कि ट्विटर यूजर्स ने पांच साल पुरानी तस्वीरों को नया बताकर अपनी पोस्ट में पेश किया.

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