scorecardresearch
 

वो देश, जहां सबसे जल्दी रिटायर हो रहे लोग, सरकार पर बढ़ रहा पेंशन का बोझ!

दो दशक से भी कम वक्त में चीन में रिटायर्ड लोगों की संख्या अमेरिका की पूरी आबादी से ज्यादा होगी. साल 2040 में वहां 400 मिलियन से ज्यादा लोग काम से फुरसत पा चुके होंगे. चीन वो देश हैं, जहां लोग सबसे कम उम्र में रिटायर होते रहे हैं. यहां महिलाओं की सेवानिवृत्ति की आयु 50, जबकि पुरुषों की 60 साल है.

Advertisement
X
चीन में रिटायरमेंट की उम्र में 1951 के बाद से कोई बदलाव नहीं हुआ. सांकेतिक फोटो (Unsplash)
चीन में रिटायरमेंट की उम्र में 1951 के बाद से कोई बदलाव नहीं हुआ. सांकेतिक फोटो (Unsplash)

फ्रांस में साल की शुरुआत से लेकर अब तक लोग पेंशन रिफॉर्म के विरोध में जब-तब सड़कों पर आ रहे हैं. असल में वहां की कॉन्स्टिट्यूशन काउंसिल ने रिटायर होने की उम्र बढ़ाकर 62 से 64 कर दी है. इसे राष्ट्रपति की भी मंजूरी मिल गई. इसके बाद से वहां पेरिस समेत पूरा देश जलने लगा. लोग गुस्साए हुए हैं कि सरकार उनसे काम तो ले रही है, लेकिन बुढ़ापे में उन्हें मदद देने से बच रही है. वहीं सरकार का कहना है कि चूंकि अब लोगों की औसत उम्र बढ़ चुकी है तो रिटायर होने का समय भी आगे सरकना चाहिए. 

रिटायर होने की सही उम्र क्या है, इसपर सबकी अलग सोच है. देश मानने लगे कि चूंकि लोग अब लंबी आयु तक शानदार सेहत में रहते हैं तो उन्हें काम करते रहना चाहिए. वहीं लोगों को लगता है कि जब उनकी पहली पीढ़ी ने जल्दी आराम पाया तो वे क्यों पीछे छूटें. नई जेनरेशन भी है जो रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाने पर भड़कती है क्योंकि इससे उनके इंतजार के साल और लंबे हो जाएंगे. 

क्या मानता है OECD?

ऑर्गेनाइजेशन फॉर इकनॉमिक कोऑपरेशन एंड डेवलपमेंट (OECD) मानता है कि जैसे-जैसे लोगों की उम्र बढ़ेगी, उनके काम के साल भी बढ़ते जाएंगे. यहां तक कि जो लोग साल 2020 में वर्कफोर्स का हिस्सा बने हैं, वो 66.1 साल या इससे भी ज्यादा उम्र में रिटायर होंगे. 

pension reform in france by emmanuel macron amid pension scheme in china
रिटायरमेंट की उम्र पर दुनिया में काफी बात हो रही है. सांकेतिक फोटो (Getty Images)

रिटायरमेंट की उम्र आगे सरकने की एक वजह और

Advertisement

आबादी घटने के साथ-साथ रिटायर होने की उम्र में पहुंचे लोगों पर काम का दबाव बढ़ा. कई देश रिटायरमेंट एज के बाद कर्मचारियों को अतिरिक्त समय के लिए नौकरी पर रखते हैं. लोगों को पैसे चाहिए और देश की जीडीपी. इस तरह से सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ती ही जाएगी. 

यहां सबसे पहले रिटायर हो रहे लोग

चीन वो देश है, जहां के लोग सबसे कम उम्र में काम से छुट्टी पा जाते हैं. कम से कम डेटा से तो यही लगता है. यहां पुरुष 60 की उम्र में नौकरी छोड़ते हैं, जबकि महिलाएं 55 की होने पर. अगर वे मेहनत-मजदूरी वाला काम कर रही हों तो 50 में ही फुर्सत पा जाती हैं. देश में साल 1951 में ये उम्र तय हुई, जब औसत जीवनकाल ही 50 साल का था. तब चीन के लिए ये फायदे का सौदा था, लेकिन इसके बाद से कोई बदलाव न होना मुसीबत ला रहा है. 

सरकारी खजाने पर लगातार बढ़ा बोझ

नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टेटिस्टिक्स के अनुसार साल 2022 में वहां 60 या उससे ऊपर के लोगों की आबादी 280 मिलियन को भी क्रॉस कर गई. अब सरकार के पास उन्हें देने के लिए पूरा फंड नहीं. खुद चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेस ने माना कि अगले दशकभर में उनका खजाना पूरा खाली हो जाएगा. यही वजह है कि सरकार अब रिटायरमेंट का समय बढ़ाने की सोच रही है. 

Advertisement
pension reform in france by emmanuel macron amid pension scheme in china
चीन में सरकारी खजाने पर भारी बोझ है. सांकेतिक फोटो (Getty Images)

कैसे काम होता है चीन में पेंशन पर?

वहां पेंशन के लिए 5 साल की स्कीम चलती है. साल 2022 में जब ऐसी ही 14वीं स्कीम के खत्म होने का समय आया तो पता लगा कि सरकार पर पेंशन का इतना बोझ है, जो संभलने से रहा. इसके साथ ही बिना एलान के सरकार रिटायरमेंट में देरी करने लगी. बता दें कि इस देश में सरकारी नौकरी वालों के लिए पेंशन है तो सरकार बुजुर्गों के लिए राष्ट्रीय बुजुर्ग विकास स्कीम भी चलाती है. इसमें उनके लिए केयर होम और हेल्थ जैसी सुविधाएं रहती हैं. चीन ने माना कि उसकी मौजूदा पेंशन योजना काफी पुरानी है और उसमें बदलाव किया जाएगा. 

क्या पेंशन के पैसों से गुजारा हो जाता है?

बहुत से विकसित देशों की बजाए चीन के लोग पब्लिक पेंशन सिस्टम पर अब तक यकीन करते रहे. यहां रिटायर हो चुके लोगों को हर महीने साढ़े 4 सौ डॉलर के करीब रकम मिलती है, हालांकि ये काफी नहीं. चीन में मेडिकल और घर काफी महंगा है. ऐसे में ज्यादा पैसे कमाने के लिए ऑफिशियली रिटायर हो चुके लोग भी काम करने लगे हैं. वहीं गांवों में रहते लोगों की पेंशन लगभग 30 डॉलर है. 

Advertisement
pension reform in france by emmanuel macron amid pension scheme in china
डेनमार्क में सेवानिवृत्ति की उम्र लगातार बढ़ने से सवाल उठने लगे. सांकेतिक फोटो (Unsplash)

रिटायर्ड लोग खोज रहे नौकरी

चीन में फिलहाल जितने लोग काम कर रहे हैं, उनका 6.8 प्रतिशत वे लोग हैं, जो पहले ही रिटायर हो चुके हैं. ये 60 से 69 की उम्र के बीच के चीनी हैं. वहां पर नौकरी खोजने में मदद करने वाले प्लेटफॉर्म बॉस झिपिन के ट्रेंड से इसका खुलासा हुआ. इसके अनुसार, बीते एक साल में ही रिटायर हो चुके लोगों के एप्लिकेशन में 33 प्रतिशत की बढ़त हुई.  

डेनमार्क बढ़ा रहा पेंशन की उम्र

दूसरी तरफ डेनमार्क जैसे देश भी हैं, जो 2024 से लेकर हर साल रिटायरमेंट एज में छह महीने बढ़ाते जाएंगे, जब तक कि उम्र 67 तक न पहुंच जाए. आगे भी इसमें बढ़त की बात सरकार कर रही है. लेकिन लोकल थिंक टैंक्स का मानना है कि रिटायरमेंट एज बढ़ाने में सरकार को इतना हड़बड़ाना नहीं चाहिए. फिलहाल उसे लोगों की सेहत पर ध्यान देना चाहिए.

कम हो रही औसत आयु

लंबी औसत आयु वाले इस देश में बीते 2 सालों से गिरावट दिखने लगी. इश्योरेंस कंपनी फॉर्सिक्रिंग एंड पेंशन का कहना है कि 40 सालों तक लगातार बढ़ने के बाद अब डेनिश लोगों की औसत आयु कम हो रही है. इसमें भी महिलाओं पर ज्यादा असर हुआ है. ऐसे में सरकार को लोगों की चिंता करनी चाहिए, न कि उनकी रिटायरमेंट एज को खींचते जाना चाहिए. 

Advertisement

 

Advertisement
Advertisement