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अकेली महिला पहलवान होने के कारण नर्वस नहीं हूं: गीता

लंदन ओलम्पिक खेलों के लिये क्वालीफाई करने वाली देश की पहली और एकमात्र महिला पहलवान गीता ने कहा कि उसे मालूम है कि उससे काफी उम्मीदें की जा रही हैं लेकिन वह किसी प्रकार का दबाव नहीं महसूस नहीं कर रही है क्योंकि उसे अपनी क्षमता पर पूरा विश्वास है.

लंदन ओलम्पिक खेलों के लिये क्वालीफाई करने वाली देश की पहली और एकमात्र महिला पहलवान गीता ने कहा कि उसे मालूम है कि उससे काफी उम्मीदें की जा रही हैं लेकिन वह किसी प्रकार का दबाव नहीं महसूस नहीं कर रही है क्योंकि उसे अपनी क्षमता पर पूरा विश्वास है.

हरियाणा की 23 वर्षीय गीता ने अमेरिका के कोलोराडो स्‍प्रिंग के लिये 22 दिन के प्रशिक्षण शिविर के लिये रवाना होने से पहले कहा, ‘मुझसे काफी उम्मीदें हैं लेकिन मुझे पर किसी प्रकार का दबाव नहीं है. मुझे पूरा विश्वास है कि मैं ओलम्पिक में बेहतर प्रदर्शन कर सकती हूं. मेरा सोचना है कि जब मैं ओलम्पिक के लिये क्वालीफाई कर सकती हूं तो इसका मतलब यह है कि ओलम्पिक में भी बेहतर करके दिखा सकती हूं.’

गीता ने कहा कि अमेरिका में ट्रेंनिंग से उसके प्रदर्शन में काफी सुधार होगा. वह पहले ही वहां जा चुकी है वहां बहुत कुछ सीखने को मिलेगा. ओलम्पिक से पहले वहां का अभ्‍यास बहुत कीमती है. मुख्य कोच ओपी यादव ने कहा कि गीता मानसिक रूप से काफी मजबूत है और यह बात उसे अन्य महिला पहलवानों से अलग करती है.

ओपी यादव ने गीता के बारे में कहा, 'कई बार ड्रॉ पर भी काफी निर्भर करता है. गीता का मुकाबला नौ अगस्त को होना है इसके लिये ड्रॉ आठ अगस्त को होना है. अगर वह चोटी के आठ खिलाड़ियों में भी पहुंचती है तो उसे पदक का दावेदार माना जा सकता है.

उन्होंने कहा कि गीता ने पटियाला के राष्ट्रीय क्रीडा संस्थान में ओलम्पिक खेलों की तैयारियां की है. गीता में उलटफेर करने की काफी क्षमता है. उसके 55 किलो वजन वर्ग में विश्व की सर्वश्रेष्ठ 18 लडकियां हैं, हम उन सभी की वीडियो देख कर उनकी ताकत और कमजारियों के हिसाब से रणनीति तैयार कर रहे है. ओलम्पिक में भारत की पहली महिला पहलवान होने के कारण पूरा स्टाफ उस पर पूरा ध्यान दे रहा है.

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