कोरोना महामारी की वजह से देश की इकोनॉमी पस्त नजर आ रही है. इस हालात से निपटने के लिए सरकार की ओर से तमाम उपाय किए गए हैं. सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 1.70 लाख करोड़ के राहत पैकेज का भी ऐलान किया है. हालांकि, अब भी छोटी या बड़ी इंडस्ट्री को कुछ खास नहीं मिला है.
यही वजह है कि देश के इकोनॉमी में अहम भूमिका निभाने वाले एमएसएमई सेक्टर यानी लघु और मध्यम उद्योग भी राहत पैकेज की उम्मीद कर रहे हैं. लेकिन सवाल है कि क्या इस सेक्टर को राहत पैकेज मिल सकता है. इस सवाल के जवाब में एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि राहत पैकेज के बारे में वित्त मंत्रालय फैसला लेगा.
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इंडिया टुडे ग्रुप के ई-एजेंडा आजतक कार्यक्रम की तीसरी कड़ी 'जान भी जहान भी' के मंच पर गडकरी ने कहा कि पैकेज देना वित्त मंत्री का अधिकार है. हमने उन्हें अपने सारे सुझाव दे दिए हैं. उम्मीद है कि जल्द एसएमई सेक्टर को राहत मिलेगी. नितिन गडकरी ने बताया कि मैं हर स्तर पर अध्ययन कर रहा हूं. हम इससे संबंधित लोगों से बातचीत कर रहे हैं. हमने अपने जरूरी सुझाव उचित स्थान पर पहुंचा दिए हैं.
छंटनी या वेतन कटौती पर क्या बोले
मजदूरों की छंटनी या वेतन कटौती पर नितिन गडकरी ने कहा इंडस्ट्री समेत हर सेक्टर के लिए ये कठिन वक्त है. ये वो वक्त है जब हमें एक होकर दूसरों के दर्द को समझना होगा. गडकरी ने कहा कि बहुत लोग राहत पैकेज पर चीन और जापान का उदाहरण दे रहे हैं. हमारी इकोनॉमी चीन और जापान से बिल्कुल अलग है. हमें समझना होगा कि ये कठिन हालात हैं. इस हालात से हर कोई प्रभावित है.