कोरोना संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लड़खड़ाई अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकने के लिए 20 लाख करोड़ के पैकेज का ऐलान किया है. पीएम मोदी ने इसे आत्मनिर्भर भारत योजना नाम दिया है.
आजतक के खास कार्यक्रम ई-एजेंडा में इस आर्थिक पैकेज को लेकर सड़क व परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि इससे देश की अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे पटरी पर लौट आएगी. ई-एजेंडा के 'कर लो दुनिया मुट्ठी में' कार्यक्रम में नितिन गडकरी ने पीएम मोदी ने उम्मीद से बढ़कर आर्थिक पैकेज का ऐलान किया है.
जीडीपी कैसे बढ़े इसपर सरकार का फोकस
नेशनल हाईवे पर करीब 70 से 80 फीसदी का काम शुरू हो गया है. लगभग सभी इंडस्ट्रीज में काम शुरू हो गया है. सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए इंडस्ट्रीज को काम करने की अनुमति दी जा रही है.
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गडकरी ने कहा कि पीएम मोदी जो ऐलान किया है वो केवल आर्थिक पैकेज नहीं है, वो इकोनॉमिक रिफॉर्म के कदम हैं. इस पैकेज में शहर से लेकर गांव तक का ध्यान रखा गया है. जीडीपी कैसे बढ़े इस पर फोकस है. विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए इस पैकेज में बहुत कुछ है.
चीन का विकल्प बन सकता है भारत: गडकरी
गडकरी ने कहा कि दुनिया में तमाम ऐसे देश हैं, जो चीन में निवेश करना नहीं चाहते हैं. उनके पास विकल्प नहीं हैं. कोरोना संकट के बीच भारत विदेशी निवेश के लिए दरवाजा खोल रहा है. कई देश लाचारी में चीन को चुन रहे हैं
राहत पैकेज के बारे में बुधवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कुल 15 ऐलान किए, जिसमें से MSME सेक्टर के लिए 6 कदम उठाए हैं. वहीं किसानों के लिए कई बड़े ऐलान किए गए हैं.
गौरतलब है कि 12 मई की रात 8 बजे देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने 20 लाख करोड़ रुपये के बड़े राहत पैकेज का ऐलान किया है. कोरोना संकट की वजह से सबकुछ बंद हैं, अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए पीएम मोदी ने ये ऐलान किया है. पीएम मोदी ने कहा कि थकना, हारना, टूटना-बिखरना, मानव को मंजूर नहीं है. सतर्क रहते हुए, ऐसी जंग के सभी नियमों का पालन करते हुए, अब हमें बचना भी है और आगे भी बढ़ना है.