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सज गया हिंदी जगत का सबसे बड़ा मंच, अरुण पुरी बोले-निष्पक्षता और तेजी ने बनाया नंबर-1

हिंदी जगत का महामंच- 'एजेंडा आजतक' नई दिल्ली में शुरू हो चुका है. गुरुवार तक चलने वाले इस कार्यक्रम में राजनीति, फिल्म, टीवी, बिजनेस और संगीत जगत की जानी-मानी हस्तियां शिरकत करेंगी.

इंडिया टुडे ग्रुप के चेयरमैन और एडिटर इन चीफ अरुण पुरी इंडिया टुडे ग्रुप के चेयरमैन और एडिटर इन चीफ अरुण पुरी

हिंदी जगत का महामंच- 'एजेंडा आजतक' नई दिल्ली में शुरू हो चुका है. गुरुवार तक चलने वाले इस कार्यक्रम में राजनीति, फिल्म, टीवी, बिजनेस और संगीत जगत की जानी-मानी हस्तियां शिरकत करेंगी.

इस बार एजेंडा आज तक की थीम है- 'मिशन 2014'. इंडियन आइडल जूनियर फेम सिंगर आकाश शर्मा ने वंदे मातरम गाकर कार्यक्रम की शुरुआत की. इसके बाद इंडिया टुडे ग्रुप के चेयरमैन और एडिटर इन चीफ अरुण पुरी ने अपने स्वागत भाषण में राजनीतिक नेतृत्व खड़ा करने में मीडिया की भूमिका पर बात की.

पढ़िए अरुण पुरी का पूरा भाषण:

'आज दिल्ली में वोटिंग की जा रही है. चार दशकों की पत्रकारिता के दौरान मैंने कई विधानसभा और लोकसभा चुनाव देखे हैं. लेकिन अब भी जब मैं देश के सबसे बड़े लोकतंत्र को वोट करते देखता हूं तो एक्साइटेड हो जाता हूं. यह सामान्य सा कदम निराशावाद के ऊपर उम्मीद, उदासी के ऊपर यकीन और कुंठा के बीच आशावाद जगाता है.

सबसे गरीब और कमजोर भारतीयों ने भी वोटिंग के जरिए ताकतवर और घमंडी नेताओं को सबक सिखाया है. इसी शहर में आम आदमी पार्टी ने खेल के नियम ही बदल दिए हैं. वे कितनी भी सीटें जीतें, लेकिन उनके उभार ने हमारी लोकतांत्रिक राजनीतिक व्यवस्था की मूलभूत विशेषताओं को जिंदा किया है, जो नेताओं को पैदा करने वाली दुनिया की सबसे अच्छी फैक्ट्री है. हम अपने लोकतंत्र के इस अहम गुण पर शक करने लगे थे. यह निश्चित रूप से ग्रासरूट से आने वाले नए नेताओं की लहर लेकर आएगा जो उम्मीद, ईमानदारी और फौलादी जज्बे से सत्ता प्रतिष्ठान को चुनौती देंगे.

आजाद और निष्पक्ष मीडिया ग्रुप होने के नाते इंडिया टुडे ग्रुप नेतृत्व बनाने और उसे हौसला देने का काम करता रहा है. जबरदस्त कंपीटिशन के बाद भी आज तक 13 सालों से देश का नंबर 1 न्यूज चैनल है. मैं हमारे दर्शकों के यकीन की कई वजहें गिना सकता हूं, लेकिन एक वजह बतानी हो तो यह है कि हमारा खुद का कोई एजेंडा नहीं है, सिवाए सबसे तेज और सबसे निष्पक्ष खबर देने के.

हां, एजेंडा आज तक का अपने आप में कोई एजेंडा नहीं है. न अब है, न कभी था. इसका एजेंडा है लोगों का एजेंडा. यह हिंदी जगत का महामंच है. यह 5 करोड़ लोगों को, लोगों के एजेंडा के करीब लाने का एक जबरदस्त प्लेटफॉर्म है. यह आज तक की निष्पक्षता है जो उसे नंबर एक बनाती है.

पिछले साल एजेंडा आज तक पहली बार हुआ था, जिसे इंडियन टेलीविजन एकेडमी का बेस्ट टीवी इवेंट अवॉर्ड मिला. इस बार भी अगले दो दिनों के लिए आप भारत के कुछ बेहतरीन, उज्ज्वल और प्रखर लोगों को सुनेंगे. अगले साल आम चुनाव हैं, इसलिए इस बार एजेंडा आज तक की थीम है- 'मिशन 2014'. हम कोशिश करेंगे कि अगले दो दिनों में इस पर साफगोई से बात हो सके.

दिल्ली से राज्यों की ओर सत्ता के हस्तांतरण के इस दौर में, बात करने के लिए हमारे साथ 6 मुख्यमंत्री होंगे. पुराने और मौजूदा केंद्रीय मंत्रियों और पार्टी अध्यक्षों को भी हम और आप सुनेंगे. अपनी ब्यूटी और बोल्डनेस से कई हिंदुस्तानियों को मंत्रमुग्ध कर देने वाली पाकिस्तान की पूर्व विदेश मंत्री हिना रब्बानी खर भी यहां मौजूद होंगी.

हालांकि कई बार वाकई ऐसा लगता है, लेकिन भारत सिर्फ राजनीति तक ही सीमित नहीं है. और न ही आज तक. हमारे साथ देश के सबसे बड़े एंटरटेनर और एक्टर शाहरुख खान और आमिर खान भी मौजूद होंगे. हम इस उपमहाद्वीप के विविधतापूर्ण संगीत का आनंद लेंगे, गुलाम अली, सोनू निगम और हनी सिंह से बातचीत के दौरान.

हमने एजेंडा आज तक की तारीखें 6 महीने पहले तय कर दी थीं. तब हम नहीं जानते थे कि आज ही के दिन दिल्ली में वोट डाले जा रहे होंगे. इसलिए हमने कार्यक्रम सुबह 9 बजे के बजाय दोपहर से शुरू किया, ताकि सब लोग वोट डालकर ही यहां आएं. अगर आप में से किसी ने वोट नहीं किया है तो प्लीज वोट करें और उसके बाद दोबारा हमारे साथ जुड़ें. किसी ने आज सुबह मुझे एसएमएस भेजा, 'बुद्धिमानी से वोट करना, मेरे दोस्त. कोई भी ताकत इंसान की इच्छा से बड़ी नहीं होती. जो चुनाव हम करते हैं, वही हमें बनाते हैं.' दूसरे शब्दों में, हमें वैसी ही सरकार मिलती है, जैसी हम डिजर्व करते हैं.

तो अगले दो दिन एजेंडा आज तक में आप सब दिग्गजों की राय सुनिए और खुद तय कीजिए. क्योंकि मैं मानता हूं कि दर्शक सबसे तेज होता है. थैंक यू एंड वेलकम टू एजेंडा आज तक.

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