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कमजोर स्‍क्र‍िप्ट के सहारे कब तक चलेगी शाहरुख खान की बादशाहत?

शाहरुख खान इंडस्ट्री के बादशाह हैं... कई सुपर-डुपर हिट फिल्में देकर. लेकिन पिछली कुछ फिल्मों से वह एक्सपेरिमेंट के नाम पर कमजोर कहानियों वाली फिल्में दे रहे हैं. तो क्या उनकी बादशाहत का दौर अब बीत गया है...

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शाहरुख खान
शाहरुख खान

साल 1992 में 'दीवाना' के साथ शुरू हुआ था शाहरुख खान का क्रेज. आज भी ये बरकरार है. लेकिन पिछले कुछ वर्षों से शाहरुख अपने फैन्स को निराश कर रहे हैं. आखिर शाहरुख के साथ ऐसा क्या हो रहा है जो इंडस्ट्री में उनकी कुर्सी हिला रहा है...

शाहरुख खान को इंडस्ट्री में 'किंग ऑफ रोमांस' कहते हैं. लेकिन बढ़ती उम्र के साथ बेशक वह यह टैग ज्यादा समय तक नहीं चला सकते थे. एक्सपेरिमेंट तो करना ही था. सो 'बादशाह खान' ने भी किया. दर्शकों को लुभाने के लिए वह सुपरहीरो बने, हॉकी टीम के कोच, सॉफ्ट इमेज छोड़कर एक्शन भी आजमाया और थ्र‍िलर भी की. लेकिन बात बनी नहीं.

2007 में आई 'चक दे इंडिया' के बाद अपने करियर को लेकर कंफ्यूज हैं कि वे क्या करें. इस फिल्म में वह महिला हॉकी टीम के कोच बने थे. इसमें उनके साथ कोई हीरोइन नहीं थी. स्पोर्ट्स फिल्मों को फिर से पर्दे पर जिंदा करने वाली इस फिल्म के बाद से शाहरुख अपने करियर में जान नहीं फूंक सके.

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25 फिल्मों में कितनी हैं हिट
'चक दे इंडिया' लेकर 2016 में आई लेटेस्ट फिल्म 'ऐ दिल है मुश्किल' तक उनका नाम करीब 25 फिल्मों से जुड़ा है. इनमें से आधी से ज्यादा में उनका कैमियो है या फिर वे इससे प्रोड्यूसर के तौर पर जुड़े हैं. इस आधार पर हर साल दो फिल्में कर रहे हैं लेकिन बहुत जोर डालने पर भी उनकी बड़ी हिट फिल्म का नाम याद नहीं आता.

हालांकि 2007 में ही वह 'ओम शांति ओम' जैसी बड़ी हिट फिल्म दे चुके हैं. 2008 में 'रब ने बना दी जोड़ी', 2010 में 'माय नेम इज खान', 2011 में 'रा.वन' और 'डॉन 2', 2012 में 'जब तक है जान', 2013 में 'चेन्नई एक्सप्रेस', 2014 में 'हैपी न्यू ईयर', 2015 में 'दिलवाले' और 2016 में 'फैन'... हिट फिल्मों और बॉक्स ऑफिस पर बनते रिकॉर्ड में इनमें से बस 'हैपी न्यू ईयर' ही लिस्ट में नजर आती है.

और जो फिल्में नहीं चल रही हैं, उनकी एक बड़ी वजह इनकी कमजोर स्क्र‍िप्ट है. और फिल्मों के जबरदस्त प्रचार (जिसमें किंग खान वाकई एक्सपर्ट हैं) के चलते पहले वीकएंड तो कलेक्शन ठीक मिल जाती है. लेकिन इसके बाद फिल्में बैठने लगती हैं. और बेशक ये शाहरुख के लिए एक बड़ी चुनौती है.

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खान तिकड़ी में पड़े कमजोर
बॉलीवुड में पिछले दो दशकों से खान तिकड़ी हावी है. ऐसे में अगर शाहरुख की तुलना और आमिर से करें तो तस्वीर साफ हो जाती है कि उनकी 'बादशाहत' खतरे में है. सलमान खान मास लेवल के स्टार बन चुके हैं. उनकी हर फिल्म कमाई का एक नया रिकॉर्ड बनाती है. सिंगल स्क्रीन हो या मल्टीप्लेक्स, दोनों स्तर के दर्शक उनकी फिल्मों को देखने पहुंचते हैं.


वहीं, आमिर पहले से ही चुनिंदा फिल्में करते हैं और जो करते हैं, उस पर लोग तुरंत फिदा हो जाते हैं. उसमें एंटरटेनमेंट और सोशल अपील इतनी होती है कि वह भी हर क्लास को लुभा लेते हैं. लेकिन 'दबंग', 'सुल्तान', 'बजरंगी भाईजान', 'पीके' जैसी फिल्मों की सफलता की बड़ी वजह इनकी स्क्र‍िप्ट भी है. अगर ये नहीं होती, सलमान और आमिर को ऐसे सफलता भी नहीं मिलती.

वहीं शाहरुख के लिए अपनी रोमांटिक इमेज तोड़कर आगे बढ़ना इतना आसान नहीं रहा. 'रब ने बना दी जोड़ी' और 'जब तक है जान' के बाद उन्होंने एक्शन रोल में आने के लिए के साथ 'चेन्नई एक्सप्रेस' बनाई. लेकिन रोहित ने जिस तरह गाड़ियां उड़ाकर अजय देवगन के करियर को संभाला था, वो मैजिक के साथ नहीं चला. बेस्ट फ्रेंड फराह के लिए 'हैपी न्यू ईयर' की और फिल्म ने सक्सेस रिकॉर्ड बनाए. लेकिन फिल्म की स्क्र‍िप्ट की खूब आलोचना हुई.

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करियर संभालने के लिए शाहरुख फिर काजोल के साथ आए पिछले साल लेकर और फिर कमजोर कहानी ने उनकी नाव डगमगा दी. इस साल आई 'फैन' में उनके अभिनय की चर्चा हुई लेकिन सक्सेस नहीं मिली. इस तरह लगातार कमजोर फिल्मों ने दर्शकों के मन में यह शक बैठा दिया है कि उनकी फिल्में क्या अब पहले की तरह जोरदार नहीं होंगी...

क्या ये फिल्में बदलेंगी तस्वीर
फिलहाल उनका दांव नवंबर में आने वाली और फिर 'रईस' पर लगा है. 'डियर जिंदगी' की कहानी अभी स्पष्ट नहीं है तो 'रईस' में पाकिस्तानी अभिनेत्री माहिरा खान के होने की वजह से इस पर विवाद भी उठ सकता है. ऐसे में अगर एक भी फिल्म कमजोर निकली तो शाहरुख खान के स्टारडम को भले ही कुछ न हो लेकिन बॉक्स ऑफिस पर उनकी बादशाहत खत्म हो जाएगी...


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