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सड़क 2 में इस एक्टर ने निभाया विलेन का किरदार, कहा- ‘बदनाम हुए तो क्या नाम ना होगा’

फिल्म ‘सड़क 2’ में एक्टर मकरंद देशपांडे एक ढोंगी गुरु का किरदार निभा रहे हैं. सड़क 2 के ट्रेलर को लाखों करोड़ों लोगों द्वारा नापसंद किए जाने पर उन्होंने अपने विचार साझा किए हैं. उनका कहना है कि ‘बदनाम हुए तो क्या नाम ना होगा’.

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मकरंद देशपांडे
मकरंद देशपांडे

फिल्म ‘सड़क 2’ का ट्रेलर जब से रिलीज हुआ तब से सुर्खियों में बना हुआ है. ये भारतीय फिल्म इंडस्ट्री का पहला ऐसा ट्रेलर है जिसे अब तक सबसे ज्यादा डिस्लाइक्स मिले हैं. अब तक इसे सिर्फ कुछ लाख लोगों ने ही पसंद किया है जबकि नापसंद करने वालों की संख्या 1 करोड़ से काफी ज्यादा हो चुकी है.

दूसरी खास बात ये है कि महेश भट्ट ने सन 1999 में आई फिल्म ‘कारतूस’ के बाद एक बार फिर बतौर निर्देशक ‘सड़क 2’ की कमान संभाली है, यानी करीब 21 साल बाद फिर महेश भट्ट निर्देशन के क्षेत्र में उतरे हैं. इसलिए ये फिल्म उनके लिए काफी मायने रखती है.

फिल्म ‘सड़क 2’ में मुख्य खलनायक की भूमिका निभा रहे हैं एक्टर मकरंद देशपांडे. आजतक के साथ खास बातचीत में मकरंद देशपांडे ने ना सिर्फ फिल्म के ऊपर अपनी राय रखी बल्कि संजय दत्त की तबियत के बारे में भी जिक्र किया.

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सवाल – फिल्म ‘’सड़क 2’’ में आपका रोल क्या है?

मकरंद देशपांडे – देखिए जहां फिल्म ‘सड़क’ में सदाशिव अमरपुरकर ने महारानी का किरदार निभा कर दर्शकों को डराने का काम किया था, उसी तरह इस बार मैंने फिल्म में ऐसे ढोंगी गुरु का रोल प्ले किया है जो अपने मतलब के लिए लोगों का इस्तेमाल करता है.

सवाल – जैसे की आप देख रहे हैं कि फिल्म ‘सड़क 2’ के ट्रेलर को अब तक 1 करोड़ से ज्यादा लोग नापसंद कर चुके हैं जबकि पसंद करने वालों की संख्या सिर्फ कुछ लाख है, इस पर आप क्या कहना चाहेंगे?

मकरंद देशपांडे – क्या आपको वो पुरानी कहावत याद है कि बदनाम हुए तो क्या नाम ना होगा, ये कुछ ऐसा ही है, दूसरा मुझे लगता है कि ये सोशल मीडिया खरीद कर की हुई चीजें हैं क्योंकि मुझे ये असली नहीं लग रहा है. इसमें ट्रेलर का कोई लेना देना नहीं है, या ऐसा भी हो सकता है कि सोशल मीडिया के जो आक्रमक दर्शक हैं ये उनका काम है और मैं आपको बताऊं कि ये असली दर्शक भी नहीं हैं. आप देखना ये जितने भी लोग ट्रेलर को Dislike कर रहे हैं इनमें असली दर्शक बहुत कम ही होंगे क्योंकि जो असली दर्शक होंगे वो चुपचाप फिल्म देखकर आए जाएंगे.

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सवाल – आप लोगों से कुछ अपील करना चाहेंगे?

मकरंद देशपांडे – मैं लोगों से कहूंगा कि जब तक कोई फैसला नहीं आ जाता है तब तक आप किसी को क्यों भला बुरा कहते हैं, लोगों के पास खुद की स्वतंत्रता होनी चाहिए लेकिन अगर आपकी वजह से किसी और की स्वतंत्रता खतरे में पड़ती है तो वो ठीक बात नहीं है. कानून अपना काम कर रहा है आप उस पर भरोसा रखिए, अगर आपको कुछ गलत लगता है तो आप उसके विचारों का विरोध कर सकते हैं लेकिन उसके विरुद्ध मत हो जाइये.

सवाल – संजय दत्त बीमार हैं और खबर है कि वो फिल्म ‘सड़क 2’ की डबिंग के बाद विदेश जा रहे हैं अपना इलाज करवाने के लिए?

मकरंद देशपांडे – मुझे संजय दत्त पर पूरा भरोसा है कि वो जरुर ठीक हो जाएगा क्योंकि वो गजब आदमी है. देखिए जब आदमी को बीमारी के बारे में पता चलता है तो थोड़ा डर तो लगता ही है लेकिन मैं जानता हूं कि उसका आत्मविश्वास कितना मजबूत है. दूसरा मैं ये कहूंगा कि अगर लोग वाकई संजय दत्त को प्यार करते हैं तो फिल्म ‘सड़क 2’ की नफरत कम करें क्योंकि इससे उसे अच्छा लगेगा.

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