बॉलीवुड में सितारों की पूछ कभी कम नहीं होती. हर एक दौर में सितारों का बोलबाला रहता है. साथ में फिल्मों में आने वाले सपोर्टिंग कैरेक्टर भी अपनी पहचान बनाए रखते हैं. ना वे सिर्फ पहचान बनाते हैं बल्कि फिल्म की मजबूत कड़ी बनते हैं, फिल्म के अमर किरदार बनते हैं. कभी कभी तो लगता है कि इनके बिना फिल्म अधूरी रह जाती. एक ऐसी ही आर्टिस्ट थीं रीमा लागू. 21 जून को उनका बर्थडे है. रीमा लागू ने 30 साल की उम्र में ही मां का किरदार निभाया था और लगातार इस रोल में दर्शकों के दिलों पर छाप छोड़ती गईं.
रीमा लागू की इंडस्ट्री में शुरुआत
वैसे तो रीमा लागू ने मराठी फिल्मों में डबिंग से फिल्मी करियर की शुरुआत की थी. सबसे पहले 80 के दशक में उन्हें श्याम बेनेगल ने हिंदी फिल्मों में मौका दिया था. फिल्म थी कलयुग. इस फिल्म में रीमा लागू ने किरण का कैरेक्टर प्ले किया था. फिल्म में लीड कैरेक्टर थे शशि कपूर.
रीमा लागू की पहली कमर्शियल सक्सेस फिल्म थी आमिर खान की कयामत से कयामत तक. इस फिल्म में रीमा लागू मां के किरदार में नजर आई थीं. यहीं से फिल्मों में मां का किरदार निभाने का सिलसिला शुरू हुआ जो कई फिल्मों में चला.
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वास्तव में बनी थीं संजय दत्त की मां
फिल्म वास्तव में संजय दत्त की मां के रोल में रीमा लागू को आज भी याद किया जाता है. फिल्म में संजय दत्त की एक्टिंग तो दमदार थी ही लेकिन मां के रूप में रीमा लागू काफी पावरफुल नजर आई थीं. फिल्म में वे ममतामयी मां के अलावा एक सख्त मां के रोल में भी थीं. एक्टिंग में दम था, इसलिए लोग उस कैरेक्टर को आज भी याद करते हैं.
यही नहीं रीमा लागू ने सलमान खान, शाहरुख, गोविंदा, माधुरी, जूही चावला जैसे सितारों की मां के किरदार भी निभाए. फिल्म हम आपके हैं कौन में वो माधुरी दीक्षित की और फिल्म मैंने प्यार किया में सलमान खान की मां के रोल में उन्हें काफी सराहा गया.
इसके अलावा रीमा को हम साथ साथ हैं, कुछ कुछ होता है, कल हो ना हो, साजन, यस बॉस, पत्थर के फूल, मैं प्रेम की दीवानी हूं जैसी फिल्मों के लिए भी जाना जाता है. लंबे समय तक फिल्मों में अपना योगदान देने के बाद मई 2017 में उनका निधन हो गया था.