नवाजुद्दीन सिद्दीकी की फिल्म ठाकरे बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन कर रही है. शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे की ज़िंदगी पर बनी फिल्म में नवाज को अपने रोल के लिए काफी तारीफें मिल रही हैं. कमर्शियल और ऑफबीट फिल्मों में बैलेंस बनाकर चलने वाले नवाज की पिछली फिल्म मंटो ने खास प्रदर्शन नहीं किया हालांकि कई क्रिटिक्स ने इस फिल्म की तारीफ की थी. बाल ठाकरे जहां मराठी लोगों के बीच काफी लोकप्रिय रहे वही अपने बयानों के चलते काफी विवादित भी रहे. इसी विवादित छवि के बारे में नवाज ने बातचीत की.
वेबसाइट फिल्म कंपैनियन के साथ इंटरव्यू में नवाजुद्दीन सिद्दीकी से जब पूछा गया कि बाल ठाकरे उत्तर प्रदेश के लोगों के खिलाफ बोलते थे और मुस्लिमों के खिलाफ बोलते थे और आप उत्तर प्रदेश के मुस्लिम एक्टर हैं तो इस रोल पर आपकी प्रतिक्रिया क्या थी? इस पर नवाज़ ने कहा कि 'इस बात को ऐसे भी तो देखा जा सकता है कि उन लोगों ने मेरे जैसे एक्टर को कास्ट किया है, इसके लिए आपको उन लोगों की तारीफ करनी चाहिए.'
View this post on Instagram
View this post on Instagram
View this post on Instagram
जब नवाज़ से पूछा गया कि 'क्या एक एक्टर के तौर पर आपने इस रोल को किसी कैटेगरी में डाला या आपकी कोई विचारधारा ही नहीं है? इस पर नवाज़ ने कहा कि 'मेरी कोई विचारधारा नहीं है. न ही मेरी कोई फिलोसॉफी है. मैं अगले जन्म में अपने लिए कोई न कोई विचारधारा ढूंढ लूंगा लेकिन इस जन्म में मैं सिर्फ आर्टिस्ट रहना चाहता हूं.' नवाज ने कहा कि 'जिस दौरान महाराष्ट्र में मिलें बंद हो रही थीं, उस दौरान कई हज़ार मराठी लोग बेरोज़गार हो गए थे. सब शटडाउन हो गया था. उस दौरान बाला साहेब ने मराठियों के दुख-दर्द को समझते हुए अपना सारा जीवन मराठियों की ज़िंदगी की बेहतरी के लिए लगा दिया था तो बालासाहेब के इस विचार के बारे में भी तो लोगों को सोचना चाहिए. ये जरूर है कि उनकी छवि विवादास्पद रही है.' गौरतलब है कि नवाजुद्दीन की फिल्म ठाकरे बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन कर रही है. लगभग 20 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने अपनी रिलीज के दो दिनों के अंदर ही लगभग 14 करोड़ की कमाई कर ली है.