अंलकृता श्रीवास्तव की फिल्म 'लिपस्टिक अंडर माय बुर्का' को सर्टिफिकेट ना देने के कारण बॉलीवुड सेंसर बोर्ड के चेयरपर्सन पहलाज निहलानी से नाराज लग रहा है. इंडिया टुडे से खास बातचीत में डायरेक्टर कबीर खान ने कहा, 'ओह गॉड! फिर से नहीं. अब यह मजाक बनता जा रहा है. सेंसर बोर्ड की हर दो महीने पर ऐसी हरकतें करने की आदत बन गई है. अब समय आ गया है कि फिल्म इंडस्ट्री एकजुट होकर इसका विरोध करे.' कबीर ने कहा कि पहलाज निहलानी यह निर्णय नहीं ले सकते कि लोगों को क्या देखना चाहिए और क्या नहीं.'
इस मामले पर निर्माता-निर्देशक विशाल भारद्वाज ने कहा, 'मैंने अभी तक इस बारे में सुना नहीं है लेकिन अगर ऐसा है तो हम कोर्ट जाएंगे.'
'लिपस्टिक अंडर माय बुर्का' को सेंसर बोर्ड ने बताया 'असंस्कारी', नहीं दिया सर्टिफिकेट
फिल्ममेकर श्याम बेनेगल ने कहा, 'सेंसर बोर्ड के फिल्म को सर्टिफाइ करना चाहिए ना कि सेंसर. मैं फिल्मों के सेंसरशिप के खिलाफ हूं.'
सुधीर मिश्रा ने कहा कि सेंसर बोर्ड को यंग और टैलेंटेड डायरेक्टर्स को अपना टैलेंट दिखाने से नहीं रोकना चाहिए.
'मसान' के डायरेक्टर नीरज घायवान, फिल्ममेकर अशोक पंडित, स्क्रीनराइटर वरुण ग्रोवर, एक्ट्रेस दीया मिर्जा, और फरहान अख्तर ने भी फिल्म के सपोर्ट में ट्वीट्स किए.
Privileged men have an issue with sexually liberated women.
— Neeraj Ghaywan (@ghaywan)
'Cannot be issued' is a ban. Let's call it that.
I condemn the denial of to 's film .Its an act of arrogance by Pahalaj Nihalani.
— Ashoke Pandit (@ashokepandit)
CBFC now refuses to clear a film dealing w/ female sexuality 'cos ladkiyon ko sex ke baare mein nahi sochna chahiye.
— वरुण (@varungrover)
News agencies need to stop calling it the 'Censor' board. It is a 'Certification' board. The CBFC is confused as is.
— Dia Mirza (@deespeak)
"Lipstick Under My Burkha",an award winning film directed by Alankrita Shrivastav refused a Certificate for these unfathomable reasons 👇 😠
— Renuka Shahane (@renukash)
Below is the reason CBFC listed for denying a release. Keep your barf bag ready..
— Farhan Akhtar (@FarOutAkhtar)