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कल्याणजी-आनंदजी ने नहीं ली थी म्यूजिक की ट्रेनिंग, ऐसे हासिल किया मुकाम

कल्याणजी आनंदजी की जोड़ी ने अपने संगीत से कई फिल्मों के गानों को जीवंत बना दिया. उन्होंने डॉन, बैराग, सरस्वतीचन्द्र, त्रिदेव, सफर जैसी बेहतरीन फिल्मों को अपने संगीत से सजाया है.

कल्याणजी और आनंदजी कल्याणजी और आनंदजी

कल्याणजी आनंदजी की जोड़ी ने अपने संगीत से कई फिल्मों के गानों को जीवंत बना दिया. उन्होंने डॉन, बैराग, सरस्वतीचन्द्र, त्रिदेव, सफर जैसी बेहतरीन फिल्मों को संगीत से सजाया है. फिल्म कोरा कागज के लिए इस जोड़ी को फिल्मफेयर अवॉर्ड से भी नवाजा गया था. यह फिल्म 1974 में रिलीज हुई थी. आज कल्याणजी की डेथ एनिवर्सरी है. आइए उनके बारे में जानते हैं कुछ खास बातें.

-कल्याणजी का जन्म गुजरात के कच्छ जिले में 30 जून 1928 को हुआ था. उनका पूरा नाम कल्याणजी वीरजी शाह था.

-बचपन से ही कल्याणजी बड़ा संगीतकार बनने का सपना देखते थे. उन्होंने संगीत के लिए कभी किसी से ट्रेनिंग नहीं ली.

-अपने सपने को पूरा करने के लिए कल्याणजी मुंबई आ गए. वहां  पर उनकी मुलाकात संगीतकार हेमंत कुमार से हुई.

-कल्याणजी ने हेमंत कुमार के सहायक के तौर पर काम करना शुरू कर दिया. बतौर संगीतकार उन्हें 1958 में रिलीज हुई सम्राट चंद्रगुप्त के लिए म्यूजिक देने का मौका मिला.

-फिल्म फ्लॉप हो गई और उन्हें कुछ खास पहचान नहीं मिल पाई. इसके बाद उन्हें लगातार 2 साल तक फिल्म इंडस्ट्री में संघर्ष करना पड़ा. इस दौरान उन्होंने बी और सी ग्रेड की फिल्मों के लिए भी काम किया.

-1960 में उन्होंने भाई आनंदजी को भी मुंबई बुला लिया. इसके बाद कल्याणजी ने आनंदजी के साथ मिलकर फिल्मों में म्यूजिक देने का काम शुरू किया.

-कल्याणजी और आनंदजी की जोड़ी ने छलिया फिल्म का म्यूजिक तैयार किया. फिल्म का गाना डम डम डिगा डिगा और छलिया मेरा नाम बहुत फेमस हुआ. इसके बाद दोनों ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.

-कल्याणजी आनंदजी ने एक साथ मिलकर लगभग 250 फिल्मों में संगीत दिया है जिसमें से 17 फिल्में गोल्डन जुबली और 39 सिल्वर जुबली फिल्में थी.

-कल्याणजी आनंदजी ने कई सारे सिंगर्स का करियर बनाने में बड़ा योगदान दिया है जैसे अल्का याग्निक, कुमार सानु, उदित नारायण, साधना सरगम, सपना मुखर्जी, सुनिधि चौहान आदि.

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